मऊगंज। जिले में कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ अपर कलेक्टर को 5 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओहरी ने फरियादी से बंटवारे की फाइल में राजस्व न्यायालय द्वारा उसके पक्ष में कर्रवाई करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। अपर कलेक्टर ने 20 हजार रुपए की डिमांड की थी। जिसके बाद अपर कलेक्टर ने फरियादी से 10 हजार की पहली किस्त ले ली। दूसरी किस्त के रूप में 5 हजार लेते हुए लोकायुक्त ने अपर कलेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामले की जानकारी मिलते ही सीएम मोहन यादव ने अपर कलेक्टर को निलंबित कर दिया है।

5 हजार की रिश्वत लेते मऊगंज के अपर कलेक्टर गिरफ्तार
बता दें की मऊगंज जिले के अंर्तगत ग्राम खूझ तहसील नईगढ़ी के निवासी फरियादी रामनिवास तिवारी का एक पारिवारिक बंटवारे का प्रकरण मऊगंज ADM न्यायालय में लाग हुआ था। रामनरेश के परिवार के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 2022 से चल रहे प्रकरण में सुनवाई के दौरान पहुंचे रामनिवास तिवारी से अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओहरी ने फरियादी के पक्ष में निर्णय सुनाने कराने को लेकर 20 हजार रुपए रिश्वत की डिमांड कर दी। इसके बाद फरियादी ने रिश्वत की पहली किस्त 10 हजार रुपए अपर कलेक्टर को पूर्व में दे दिए थे।
रीवा लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा
बाकी के बचे 10 हजार रुपए रिश्वत के रकम की डिमांड लागातार अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओहरी द्वारा फरियादी रामनिवास तिवारी से की जा रही थी। जिसके बाद अपर कलेक्टर की डिमांड से तंग आकर फरियादी ने अपर कलेक्टर की शिकायत रीवा लोकायुक्त पुलिस से कर दी। लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाते हुए अपर कलेक्टर को ट्रैप किया। फरियादी से 5 हजार की रिश्वत लेते अपर कलेक्टर को कलेक्टर कार्यालय के अंदर ही उनके कक्ष से उन्हें लोकायुक्त ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
Author: Deepak Mittal








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