राजधानी राज्योत्सव में कृषि महाविद्यालय बेमेतरा द्वारा लगाया गया अलसी डंठल के कपड़े का स्टाल

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विनय सिंह नवभारत टाइम्स 24x7in ब्यूरो बेमेतरा


बेमेतरा छत्तीसगढ़ राज्य महतारी के स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में 4 नवंबर से 6 नवंबर तक छत्तीसगढ राज्योत्सव मनाया गया। इस राज्योत्सव में रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बेमेतरा (इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर) द्वारा स्टॉल का प्रदर्शन किया गया।

अधिष्ठाता डॉ संदीप भण्डारकर के मार्गदर्शन एवं डॉ के पी वर्मा के नेतृत्व में जिसमें अलसी के अनुपयोगी डंठल से बने कपड़ों जैसे साड़ी, जैकेट, ड्रेस मटेरियल, शॉल इत्यादि उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।

जैसे की हम जानते है कि अलसी की खेती मुख्य रूप से दाने के लिए की जाती हैं। तत्पश्चात डंठल जो की पूरी तरह से कचरा है और इसके निपटान हेतु डंठल को प्रायः जला दी जाती, उसे कृषि महाविद्यालय के शोधार्थियों द्वारा मूल्यवान प्राकृतिक लिनन के कपड़े बनाने में उपयोग किया जा रहा है।

इन कपड़ों में पराबैगनी किरणों से त्वचा को बचाने का विशेष गुण होता है। जिससे अब अलसी के किसान भी डंठल को बेचकर अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर सकेंगे.

साथ ही राज्योत्सव में आए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अलसी के स्टॉल का अवलोकन किया इस दौरान उनके द्वारा बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उत्पाद से किसान के साथ साथ ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्राप्त होगा।

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