नागपुर में चल रहे ऑनलाइन सट्टा सेंटर पर छापा, डेढ़ करोड़ रुपये मासिक ट्रांजेक्शन का खुलासा; 23 लाख के सोने-हीरे के आभूषण समेत भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
भिलाई। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 45 सिम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, नकदी तथा लगभग 23 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के आभूषण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार थाना छावनी क्षेत्र निवासी निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन में संलिप्त था। विश्वसनीय सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने “सी-बी क्रिकेट बज़ बेटिंग ऐप” और “रूबीबेट” नामक प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन की बात स्वीकार की।

जांच में पता चला कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए आरोपी ने महाराष्ट्र के नागपुर शहर में किराये का मकान लेकर वहां अपने सहयोगियों के माध्यम से सट्टा कारोबार संचालित कर रखा था। निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर में दबिश देकर आठ अन्य आरोपियों को रंगे हाथों ऑनलाइन सट्टा संचालित करते गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टे में डिपॉजिट, विड्रॉल, आईडी प्रबंधन और तकनीकी संचालन का कार्य करते थे। इसके बदले उन्हें प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह प्रतिदिन 4 से 5 लाख रुपये तथा प्रतिमाह लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेन-देन करता था।
पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन सट्टे से अर्जित धनराशि को छिपाने के लिए फर्जी और बेईमानीपूर्वक प्राप्त बैंक खातों, एटीएम कार्डों तथा सिम कार्डों का उपयोग किया जाता था। धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर वास्तविक लाभार्थियों और स्रोत को छिपाने का प्रयास किया जाता था।
विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी ने ऑनलाइन सट्टे से अर्जित अवैध कमाई से महंगे आभूषण खरीदे थे। पुलिस ने भिलाई स्थित एक ज्वेलर्स के यहां गिरवी रखे गए लगभग 15 तोला सोने एवं डायमंड मिश्रित आभूषण जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है।
इस मामले में थाना छावनी में अपराध क्रमांक 371/2026 दर्ज कर छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा टेलीकॉम अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की विस्तृत जांच कर रही है।
Author: Deepak Mittal










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