रायपुर : छत्तीसगढ़ में सामने आए 12.5 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) रायपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से कुलदीप उर्फ अभिषेक पाठक को गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी पर बोगस फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये का फर्जी ITC प्राप्त करने और उसे अन्य संस्थाओं को ट्रांसफर करने का आरोप है। छत्तीसगढ़ में चल रही जांच के दौरान अभिषेक पाठक का नाम सामने आया था। पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उसके उपस्थित नहीं होने पर DGGI की टीम ने शाहजहांपुर के अतिबरा गांव पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने रायपुर निवासी अमन सिंह के साथ मिलकर स्क्रैप कारोबार से जुड़ी कई फर्मों का संचालन किया। आरोप है कि इन फर्मों के जरिए कागजी लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये का फर्जी टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया।
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कई फर्में संचालित कीं। इनमें समृद्धि ट्रेडिंग और ख्याति इंटरप्राइजेज जैसी फर्मों के नाम सामने आए हैं। इन कंपनियों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
DGGI के अनुसार आरोपी से जुड़े नेटवर्क में 16 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध टैक्स क्रेडिट लेन-देन के संकेत मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है और जांच के आगे बढ़ने के साथ अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने आरोपी के घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इनकी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
जांच एजेंसियां आरोपी की पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी आर्थिक स्थिति की भी पड़ताल कर रही हैं। गांव में नया मकान, लग्जरी वाहन और अन्य संपत्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार यह गिरफ्तारी DGGI रायपुर के प्रधान अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) सुजीत मलिक द्वारा 18 मई 2026 को पदभार ग्रहण करने के बाद की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे संकेत मिलते हैं कि फर्जी ITC नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज हो सकता है।
DGGI ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी तथा बड़े खुलासे होने की संभावना है।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8199287
Total views : 8236992