भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने और प्रमुख औद्योगिक व कृषि क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण आर्थिक फैसलों पर मुहर लगाई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद इन महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। इन फैसलों में मुख्य रूप से विमानन क्षेत्र, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कृषि नीतियां और समुद्री बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) शामिल हैं, जो देश के समग्र विकास और रोजगार सृजन को रफ्तार देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
केंद्र सरकार की कैबिनेट ने हालिया बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है, जिन पर कुल लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘कपास कांती मिशन’ पर 5,659 करोड़ रुपये खर्च होंगे, वहीं 2026-27 सीजन के लिए गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) से जुड़ा फैसला भी लिया गया है। आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ECLGS-5 योजना पर 18,100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
देश के 32 लाख कपास किसानों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए कैबिनेट ने ‘कपास क्रांति’ नाम से एक ऐतिहासिक पहल को मंजूरी दी है। मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत वर्तमान में 297 लाख गांठ उत्पादन के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है। हालांकि, 2030-31 तक कपास की यह मांग बढ़कर 450 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है।
इस बढ़ती मांग को पूरा करने और क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने 5,669 करोड़ रुपये की एक विस्तृत परियोजना को मंजूरी दी है। यह फंड मुख्य रूप से अनुसंधान, उत्पादन तकनीकों को बढ़ाने और किसानों को नए जमाने के फाइबर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर खर्च किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal









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