छत्तीसगढ़ में जबरन एवं प्रलोभन देकर किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से पारित छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 अब कानून बन गया है। यह विधेयक छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा 19 मार्च को पारित किया गया था।
विधेयक पर 6 अप्रैल को राज्यपाल रमेन डेका ने हस्ताक्षर किए, जिसके बाद इसे छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया।
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राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह विधेयक विधिवत रूप से कानून के रूप में लागू हो गया है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श के बाद इसे पारित किया गया था।
इस कानून का मुख्य उद्देश्य राज्य में धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों को नियंत्रित करना तथा नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करना है।
Author: Deepak Mittal










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