देश में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO की ओर से फरवरी 2026 का मासिक ड्रग अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल 194 दवा सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं, जिन्हें नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ) घोषित किया गया है। इनमें से 60 सैंपल केंद्रीय प्रयोगशालाओं और 134 सैंपल राज्य प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान मानकों पर खरे नहीं उतरे।
इतना ही नहीं, जांच के दौरान चार दवाएं नकली भी पाई गई हैं। ये मामले दिल्ली, गाजियाबाद और असम से सामने आए हैं, जहां अनधिकृत निर्माताओं द्वारा प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम का दुरुपयोग कर नकली दवाएं बनाई जा रही थीं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि NSQ और नकली दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल सकें।
Author: Deepak Mittal









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