महासमुंद जिले को 12.21 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व, अवैध उत्खनन रोकने के लिए टास्क फोर्स सक्रिय

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महासमुंद: महासमुंद जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस संबंध में मंगलवार को कलेक्टर विनय कुमार लहंगे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राजस्व, पुलिस, परिवहन, वन और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले की सभी खदानों का सीमांकन कर नाम पट्टिकाएं लगाई जाएं, ताकि खनन गतिविधियों की स्पष्ट पहचान हो सके।

उन्होंने रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, कोटवार और पटवारी के सहयोग से निगरानी समितियां गठित करने के निर्देश भी दिए। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देंगी।

जिला खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 8.70 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व लक्ष्य मिला था, जबकि इसके मुकाबले 12.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया है, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक है।

उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अवैध परिवहन के 95, अवैध उत्खनन के 27 और अवैध भंडारण के 4 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। खनिज विभाग द्वारा अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।

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Author: Deepak Mittal

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