हरियाणा: Enforcement Directorate (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में TDI Infrastructure Limited की करीब 206.40 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत शुक्रवार को की गई।
ED के अनुसार जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें हरियाणा के Sonipat जिले के कमासपुर क्षेत्र में स्थित लगभग 8.3 एकड़ जमीन और कुछ कमर्शियल यूनिट्स शामिल हैं। ये संपत्तियां TDI इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं।
यह जांच Delhi Police और आर्थिक अपराध शाखा Economic Offences Wing (EOW) द्वारा दर्ज 26 एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई थी। आरोप है कि कंपनी और उसके प्रमोटर्स ने फ्लैट और प्लॉट देने के नाम पर हजारों होमबायर्स से पैसे लेकर धोखाधड़ी की।
ED की जांच में सामने आया कि 2005 से 2014 के बीच कंपनी ने सोनीपत में 23 रिहायशी और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए थे। इन प्रोजेक्ट्स के नाम पर 14,105 ग्राहकों से लगभग 4619.43 करोड़ रुपए एडवांस के तौर पर वसूले गए, लेकिन कई प्रोजेक्ट आज तक अधूरे पड़े हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स ने ग्राहकों से लिया गया पैसा प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के बजाय अन्य कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा इस रकम का इस्तेमाल जमीन खरीदने, कर्ज चुकाने और निवेश में भी किया गया, जिससे कई प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो सके और हजारों खरीदारों को अपने घरों का कब्जा नहीं मिल पाया।
इससे पहले भी इस मामले में 45.48 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। ताजा कार्रवाई के बाद इस केस में अब तक कुल 251.88 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच हो चुकी हैं।
ED ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और रियल एस्टेट घोटाले की जांच के तहत की गई है और मामले की जांच अभी जारी है।
Author: Deepak Mittal










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