रायपुर। आदिवासी किसान की कथित पिटाई से हुई मौत के मामले में साय सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया है। इससे पहले उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सरगुजा संभाग आयुक्त कार्यालय, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।
जांच के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार 15-16 फरवरी की दरमियानी रात बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम हंसपुर में बॉक्साइट के कथित अवैध खनन की जांच के लिए एसडीएम करुण डहरिया पहुंचे थे। आरोप है कि वे निजी वाहन से कुछ निजी व्यक्तियों के साथ मौके पर गए थे।

बताया जा रहा है कि सरना स्थल के पास तीन ग्रामीणों को रोककर उनसे पूछताछ की गई। आरोप है कि बिना पर्याप्त जांच के ग्रामीणों पर अवैध खनन में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई की गई।
घायल ग्रामीण आकाश अगरिया और अजीत उरांव के अनुसार वे अपने गेहूं के खेत में सिंचाई कर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें रोककर मारपीट की गई। उनका कहना है कि बिना किसी ठोस कारण या पूछताछ के उन पर अवैध खनन का आरोप लगाया गया।
घायलों के बयान के आधार पर राजपुर थाने में एसडीएम करुण डहरिया और उनके साथ मौजूद विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव और सुदीप यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103, 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
Author: Deepak Mittal









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