कमर दर्द से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें कद्दू के बीज, एक्सपर्ट्स की सलाह

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Lifestyle: बदलती जीवनशैली, घंटों बैठकर काम करना, ट्रैफिक में लंबा समय बिताना और नियमित व्यायाम की कमी—ये सभी कारण आज कमर दर्द को आम समस्या बना चुके हैं। कम उम्र से लेकर बुजुर्गों तक, बड़ी संख्या में लोग इस परेशानी से जूझ रहे हैं। हालांकि गंभीर स्थिति में चिकित्सकीय उपचार जरूरी होता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सही खानपान से भी कमर दर्द में राहत पाई जा सकती है।

डॉक्टरों के अनुसार, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) को डाइट में शामिल करने से कमर दर्द कम करने में मदद मिल सकती है। ये बीज कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती देने के साथ सूजन को भी कम करते हैं।

मैग्नीशियम से मांसपेशियों को राहत

कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसे ‘रिलैक्सेशन मिनरल’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह मांसपेशियों और नसों को शांत करने में मदद करता है। नियमित सेवन से मांसपेशियों का तनाव कम होता है और कमर के निचले हिस्से में होने वाली तकलीफ में राहत मिलती है।

सूजन और दर्द में कमी

कमर दर्द का एक बड़ा कारण शरीर में सूजन भी है। कद्दू के बीजों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण और ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो सूजन को कम करने में सहायक हैं। इससे जोड़ों की मजबूती बढ़ती है और दर्द में कमी आती है।

प्रोटीन और जिंक से मजबूत इम्यूनिटी

इन बीजों में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और मजबूती के लिए आवश्यक है, जबकि जिंक इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और संक्रमण से बचाव में मदद करता है। कभी-कभी संक्रमण भी कमर दर्द का कारण बन सकता है, ऐसे में कद्दू के बीज फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

कैसे करें सेवन?

विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना एक मुट्ठी कद्दू के बीज खाना फायदेमंद हो सकता है। इन्हें कच्चा खाया जा सकता है या दही, दलिया और सलाद में मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।

हालांकि, यदि कमर दर्द लंबे समय तक बना रहे या बढ़ता जाए तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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Author: Deepak Mittal

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