नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ कार्यक्रम के तहत 10,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने की घोषणा की गई है।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा, “मैं राज्यों को पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने में मदद करने के लिए एक नई योजना शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।” उन्होंने बताया कि ये हब इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किए जाएंगे, जहां चिकित्सा, शिक्षा और शोध से जुड़ी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे भारत को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्री ने बायोफार्मा सेक्टर को मजबूती देने पर जोर देते हुए कहा कि बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ बायोफार्मा शक्ति का प्रस्ताव करती हूं।”
इस रणनीति के तहत तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPERs) स्थापित किए जाएंगे, जबकि सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, देशभर में 1,000 मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) को और सशक्त किया जाएगा, ताकि वैश्विक मानकों के अनुरूप दवा अनुमोदन प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जा सके। इसके लिए एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा कैडर और विशेषज्ञों की व्यवस्था की जाएगी।
इसके साथ ही बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और आयुष सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।
सरकार के इन प्रस्तावों को स्वास्थ्य, फार्मा और मेडिकल टूरिज्म सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे रोजगार, शोध और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
Author: Deepak Mittal









