नई दिल्ली: ईरान द्वारा हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के फैसले से भारत सहित कई देशों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख भारतीय एयरलाइनों ने गुरुवार को ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि ईरान के ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों में देरी हो सकती है और कुछ उड़ानें रद्द भी की जा सकती हैं। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है, जिससे यात्रा का समय बढ़ सकता है। जिन उड़ानों का मार्ग बदलना संभव नहीं है, उन्हें फिलहाल रद्द किया जा रहा है। एयर इंडिया ने यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस जांचने के बाद ही एयरपोर्ट के लिए निकलने की अपील की है।
इंडिगो एयरलाइन ने भी बताया कि ईरान के अचानक हवाई क्षेत्र बंद होने से उसकी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एयरलाइन ने कहा कि उसकी टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान, रीबुकिंग या रिफंड जैसे विकल्प दिए जा रहे हैं।
स्पाइसजेट ने भी ईरान के हवाई क्षेत्र बंद होने के चलते उड़ानों में बाधा की आशंका जताई है। एयरलाइन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति वेबसाइट या 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन के माध्यम से जांचते रहें।
गौरतलब है कि ईरान ने गुरुवार सुबह बिना किसी आधिकारिक कारण के व्यावसायिक विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हैं और अमेरिका के साथ तनाव बढ़ा हुआ है।
हवाई सुरक्षा पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म ‘सेफ एयरस्पेस’ के अनुसार, कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने पहले ही ईरान के ऊपर से उड़ानें कम या बंद कर दी हैं। सुरक्षा हालात और संभावित सैन्य गतिविधियों के खतरे को देखते हुए विमानों को ईरानी हवाई क्षेत्र से बचाकर उड़ाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ईरान में महंगाई और खराब आर्थिक हालात से शुरू हुए प्रदर्शन अब सरकार विरोधी आंदोलन का रूप ले चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन प्रदर्शनों में सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी अस्थिर माहौल के चलते हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर पड़ा है।
Author: Deepak Mittal









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