मुंबई: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ खुले। घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का दबाव बढ़ा और निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स गिरावट के साथ सपाट खुला, लेकिन कुछ ही देर में यह 300 अंक से ज्यादा टूट गया। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 348 अंक या 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,228 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 106.50 अंक या 0.41 प्रतिशत फिसलकर 25,576.80 पर ट्रेड करता दिखा।
वृहद बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.6 प्रतिशत, फार्मा 0.97 प्रतिशत, ऑटो 0.6 प्रतिशत, जबकि आईटी और बैंकिंग इंडेक्स करीब 0.5 प्रतिशत टूटे।
सेंसेक्स पैक में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और एसबीआई के शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली। वहीं, एलएंडटी, पावर ग्रिड, रिलायंस, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और बीईएल जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, निफ्टी 50 पर अभी भी दबाव बना हुआ है और बाजार को कोई मजबूत तेजी का संकेत नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,500–25,600 का स्तर अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 25,800–25,850 के ऊपर मजबूती से निकलने पर ही बाजार में स्थिरता और तेजी की उम्मीद की जा सकती है।
बैंक निफ्टी पर भी नकारात्मक रुझान बना हुआ है। इसका तत्काल सपोर्ट 59,000 के पास है, जबकि 59,500–59,600 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।
आकाश शाह ने बताया कि 9 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 3,367 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगभग 3,701 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे फिलहाल चुनिंदा और मजबूत शेयरों पर ध्यान दें और आक्रामक निवेश से पहले स्पष्ट ब्रेकआउट का इंतजार करें।
Author: Deepak Mittal









