दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति और विकास की दिशा में सुरक्षा बलों को एक भारी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में संचालित “पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन)” अभियान से प्रेरित होकर 36 इनामी सहित कुल 64 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र और ओडिशा राज्य में सक्रिय रहे हैं। इनमें 18 महिला और 45 पुरुष शामिल हैं। इनामी माओवादियों में 8 लाख के 7, 5 लाख के 7, 2 लाख के 8, 1 लाख के 11 और 50 हजार के 3 माओवादी शामिल हैं।
सभी माओवादी डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में पुलिस उप महानिरीक्षक (परिक्षेत्र) सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, कमांडेंट 111वीं, 195वीं एवं 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किए।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि यह अभियान स्थायी शांति, गरिमा और समग्र विकास की दिशा में परिवर्तनकारी पहल बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, दंतेवाड़ा पुलिस, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन क्षेत्र में शांति स्थापना, पुनर्वास और समावेशी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस आत्मसमर्पण ने बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों पर बड़ा झटका लगाया है और आगे आने वाले महीनों में क्षेत्र में सुरक्षा और विकास की नई राह खोल सकती है।
Author: Deepak Mittal









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