महासमुंद। जिले में कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान एक सवाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार, कक्षा चौथी के अंग्रेज़ी विषय की परीक्षा में पूछा गया सवाल— “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?” के विकल्पों में शेरू के साथ राम नाम भी शामिल किया गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने इसे प्रश्न पत्र निर्माण में घोर लापरवाही करार दिया है। प्राथमिक शालाओं की अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्रों का निर्धारण, मुद्रण और वितरण की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की होती है।
इसके बावजूद प्रश्न पत्र में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में भगवान राम का नाम शामिल किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक, निंदनीय और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया है।

प्रशासन का कहना है कि इस घटना से शासन और शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई है। इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन बताया गया है।
इसी आधार पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुंद विजय कुमार लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
Author: Deepak Mittal










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