बेमेतरा: बुधवार को बेमेतरा कलेक्ट्रेट उस वक्त अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब एक ठेकेदार ने खुलेआम खुदकुशी करने की कोशिश कर दी। युवक अपने साथ पेट्रोल और माचिस लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा और देखते ही देखते खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। हालात इतने खौफनाक थे कि मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
माचिस जलाने ही वाला था, जवानों ने बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक जैसे ही माचिस जलाने की तैयारी कर रहा था, उसी पल सुरक्षा में तैनात जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उसके हाथ से माचिस छीन ली। कुछ सेकेंड की देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। जवानों की सतर्कता से एक भयानक घटना टल गई।
1 साल से नहीं मिला भुगतान, टूटा ठेकेदार
जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान आरिफ बाठिया के रूप में हुई है। उसने कृषि विभाग के कार्यालय भवन निर्माण का ठेका लिया था। आरोप है कि
➡️ काम पूरा होने के बावजूद
➡️ एक साल से भुगतान नहीं किया गया,
जिसके चलते वह आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका था।
अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप
युवक ने अधिकारियों पर लगातार प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार चक्कर लगाने के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी हताशा में उसने कलेक्ट्रेट के सामने जान देने जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
सवालों के घेरे में सिस्टम
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं—
-
क्या ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं मिलना आम बात हो गई है?
-
अगर जवान वक्त पर न होते, तो क्या प्रशासन एक बड़ी जिम्मेदारी से बच पाता?
Author: Deepak Mittal









