रायपुर: राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में वीरेंद्र सिंह तोमर को बड़ी कानूनी राहत मिली है। जिला न्यायालय रायपुर ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत दर्ज प्रकरण में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। इस आदेश के बाद वीरेंद्र सिंह तोमर के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है पूरा मामला
पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ अवैध हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी जेल में बंद था और जिला न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन किया गया था।
बचाव पक्ष ने रखा मजबूत पक्ष
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फैजल रिजवी और अधिवक्ता शशांक मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि
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आरोपी को झूठे और मनगढ़ंत आरोपों में फंसाया गया है
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अवैध हथियार बरामदगी के संबंध में प्रथम दृष्टया साक्ष्य कमजोर हैं
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अभियुक्त का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है
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वह जांच और न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने को तैयार है
अभियोजन ने किया विरोध
वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और आर्म्स एक्ट से जुड़े अपराध समाज की सुरक्षा से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
न्यायालय का संतुलित फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रकरण के तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने माना कि अभियुक्त को सशर्त जमानत दिए जाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी को—
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नियमित रूप से न्यायालय में उपस्थिति देनी होगी
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जांच में पूरा सहयोग करना होगा
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किसी भी प्रकार से साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करना होगा
परिजनों में खुशी, कानूनी हलकों में चर्चा
जमानत मिलने के बाद तोमर परिवार और समर्थकों में संतोष और खुशी का माहौल देखा गया। कानूनी जानकारों का कहना है कि यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की दलीलों का संतुलित मूल्यांकन करते हुए निर्णय सुनाया है।
Author: Deepak Mittal










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