नई दिल्ली / कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक के वाहन पर हुए हमले ने चुनावी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग (EC) ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर 6 जनवरी शाम 5 बजे तक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
SIR सुनवाई में सुरक्षा फेल, आयोग ने जताई कड़ी नाराजगी
चुनाव आयोग ने अपने पत्र में बताया कि विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक और वरिष्ठ अधिकारी सी. मुरुगन ने अपनी रिपोर्ट में दक्षिण 24 परगना जिले के
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मगराहाट-I,
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मगराहाट-II और
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कुलपी ब्लॉक
में 29 दिसंबर को SIR सुनवाई शिविरों के दौरे के दौरान हुई गंभीर घटनाओं का उल्लेख किया है।
आयोग के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक की रिपोर्टों में भी इसी तरह की चिंताजनक स्थिति सामने आई है।
जांच में क्या-क्या खुलासे हुए
जांच के बाद आयोग ने पाया कि—
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दौरे की अग्रिम सूचना होने के बावजूद
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उप-विभागीय अधिकारी (SDO) और
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पुलिस अधीक्षक (SP)
ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की।
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पर्यवेक्षक को संवेदनशील इलाकों से बिना उचित पुलिस सुरक्षा के गुजरना पड़ा।
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नारेबाजी, भीड़ जमा होने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और
पर्यवेक्षक के वाहन को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। -
काफी देर बाद 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
आयोग ने साफ शब्दों में कहा कि ये घटनाएं पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं।
चुनाव आयोग के सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने DGP को निर्देश दिए हैं कि—
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6 जनवरी शाम 5 बजे तक
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की गई पुलिस कार्रवाई,
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उठाए गए सुरक्षा उपाय,
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और जिम्मेदारी तय करने के लिए की गई कार्रवाई
की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
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आगे से जब भी कोई
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मतदाता सूची पर्यवेक्षक या
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विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक
क्षेत्र का दौरा करे, तो उसके साथ पर्याप्त सुरक्षा और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
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कैसे हुआ चुनाव अधिकारी की कार पर हमला
29 दिसंबर को मगराहाट स्थित एक SIR सुनवाई केंद्र के दौरे के दौरान प्रदर्शनकारी भीड़ ने चुनाव अधिकारी सी. मुरुगन के वाहन को घेर लिया।
आरोप है कि—
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अधिकतर महिलाओं से बनी भीड़ ने
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वाहन का रास्ता रोका,
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बोनट और खिड़कियों पर लाठियां मारीं,
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बाद में कार का ड्राइवर साइड का दरवाजा हैंडल लगभग उखड़ा हुआ मिला।
हालांकि पुलिस ने घेराबंदी कर भीड़ को हटाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। बताया जा रहा है कि मुरुगन को इससे पहले भी SIR अभ्यास के दौरान दो बार विरोध का सामना करना पड़ा था।
Author: Deepak Mittal










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