“सबूत हैं तो सामने लाएं!”—अंकिता हत्याकांड पर सरकार का विपक्ष को खुला चैलेंज, राजनीतिक साजिश का आरोप

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देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। इसी बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर सरकार का पक्ष साफ शब्दों में रखा और विपक्ष को सीधी चुनौती दे डाली।

सुबोध उनियाल ने कहा कि यदि किसी के पास अंकिता हत्याकांड से जुड़ा कोई भी ठोस साक्ष्य है, तो वह सरकार को सौंपे, सरकार हर स्तर पर जांच के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण कर रहा है, जबकि सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और कठोर कार्रवाई की है।

महिला IPS के नेतृत्व में SIT, कोई आरोपी नहीं बचा

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि घटना सामने आते ही राज्य सरकार ने महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया था। जांच के दौरान सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, और सरकार की सख्त पैरवी के चलते किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिली।

उन्होंने यह भी बताया कि मामले की CBI जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने SIT की जांच पर भरोसा जताते हुए CBI जांच से इनकार कर दिया। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां से भी SIT जांच को सही ठहराया गया।

चार्जशीट, ट्रायल और उम्रकैद—न्याय हुआ पूरा

SIT की विस्तृत विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल की गई, निचली अदालत में सुनवाई हुई और अंततः दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मंत्री ने कहा कि यह साबित करता है कि सरकार ने किसी पर भी दबाव नहीं डाला और कानून ने अपना काम किया।

वायरल ऑडियो पर FIR, जांच जारी

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो क्लिप को लेकर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि ऑडियो क्लिप के संबंध में अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं और उनकी जांच चल रही है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में कोई नया तथ्य या साक्ष्य सामने आता है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सबूत देने वालों को मिलेगी सुरक्षा

सुबोध उनियाल ने साफ कहा कि जो भी व्यक्ति प्रमाण के साथ सामने आएगा, उसे सरकार पूरी सुरक्षा देगी। उन्होंने याद दिलाया कि विवेचना के दौरान पुलिस ने सार्वजनिक रूप से अपील की थी कि यदि किसी के पास किसी VIP या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा कोई भी प्रमाण है, तो उसे SIT को सौंपा जाए।

विपक्ष पर तीखा हमला

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि

“अंकिता हत्याकांड में न्याय हो चुका है। कोर्ट ने SIT जांच को सही माना है। अब इस मामले को बार-बार उछालकर केवल राजनीति की जा रही है।”

गौरतलब है कि कांग्रेस लगातार सरकार पर VIP को बचाने और जांच में खामी के आरोप लगा रही है, जिसके बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

सरकार का दो टूक संदेश

सरकार ने साफ कर दिया है कि न तो किसी को बचाया जाएगा, न किसी सच्चाई को दबाया जाएगा।

सबूत हों तो दें, राजनीति नहीं—अंकिता को इंसाफ मिला है और इंसाफ से कोई समझौता नहीं होगा।

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Author: Deepak Mittal

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