दल्लीराजहरा।,नववर्ष केवल कैलेंडर बदलने का नाम नहीं होता, बल्कि नई उम्मीदों, नए संकल्पों और नई मुस्कानों की शुरुआत होता है। दल्लीराजहरा शहर के वार्ड क्रमांक 27 की आंगनबाड़ी में यह नववर्ष कुछ खास रहा, जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता बंजारे ने नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ नया साल मनाकर मानवता, ममता और संस्कारों का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
अनीता बंजारे ने आंगनबाड़ी के बच्चों को अपने हाथों से गुलाब के फूल भेंट किए। वह गुलाब केवल एक फूल नहीं था, बल्कि हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य, मीठे सपनों और सफल जीवन की शुभकामना का प्रतीक था। अनीता बंजारे ने बच्चों के सिर पर स्नेह भरा हाथ रखकर उन्हें आगे बढ़ने, कुछ अच्छा बनने और मुस्कुराते रहने का संदेश दिया।
इस स्नेहपूर्ण माहौल में अनीता बंजारे ने बच्चों को प्यार से समझाया कि पढ़ाई, साफ-सफाई, अनुशासन और अच्छे संस्कार ही जीवन को सुंदर बनाते हैं। उन्होंने सरल शब्दों में ऐसे छोटे-छोटे टिप्स दिए, जो बच्चों के मन में हमेशा के लिए बस गए।
गुलाब के फूलों के साथ-साथ जब अनीता बंजारे ने रंग-बिरंगे फूल बच्चों को दिए, तो मासूम चेहरों पर खिली मुस्कान ने पूरे आंगनबाड़ी परिसर को खुशियों से भर दिया। बच्चों की चमकती आंखें और खिलखिलाती हंसी यह बता रही थी कि अनीता बंजारे का यह प्रयास सीधे उनके दिलों तक पहुंचा।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने कहा कि अनीता बंजारे केवल एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं, बल्कि बच्चों के लिए मां जैसी स्नेहिल मार्गदर्शक हैं। उनका यह प्रयास यह साबित करता है कि यदि कार्य में प्रेम और समर्पण हो, तो छोटी-सी पहल भी बड़े बदलाव की नींव बन सकती है।
अनीता बंजारे द्वारा किया गया यह नववर्षीय आयोजन पूरे दल्लीराजहरा शहर में सराहना का विषय बना हुआ है। लोग मानते हैं कि अनीता बंजारे का यह भावनात्मक और प्रेरणादायी कार्य अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बच्चों के भविष्य के लिए कुछ अच्छा करने की प्रेरणा देता है।
निस्संदेह, अनीता बंजारे जैसी समर्पित और संवेदनशील महिलाएं ही समाज की असली ताकत होती हैं। आंगनबाड़ी के छोटे-से आंगन में अनीता बंजारे ने जो खुशियों और संस्कारों के बीज बोए हैं, वे आने वाले समय में एक सुंदर और सशक्त समाज का रूप जरूर लेंगे।
Author: Deepak Mittal










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