नगरीय योजनाओं को समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण सुनिश्चित करें: कलेक्टर

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नगरीय योजनाओं को समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण सुनिश्चित करें: कलेक्टर
रायगढ़ जिले के सातों नगरीय निकायों की योजनाओं, निर्माण कार्यों और प्रगति की कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने की विस्तृत समीक्षा

रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में रायगढ़ जिले के सातों नगरीय निकायों की विभिन्न योजनाओं, निर्माण कार्यों, तकनीकी–प्रशासकीय स्वीकृतियों और वित्तीय–भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य शासन द्वारा प्राथमिकता में रखे गए नगरीय विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमाउच्च गुणवत्ता और पूर्ण जवाबदेही के साथ पूरा करना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब जिले के विकास को प्रभावित करता है, इसलिए अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।

कलेक्टर चतुर्वेदी ने निर्माण कार्यों से जुड़ी स्थल चयन समस्याओं, भूमि विवादों और कार्य आरंभ में आ रही बाधाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इन सभी मुद्दों को तुरंत संबंधित एसडीएम के संज्ञान में लाया जाए। उन्होंने कहा कि एसडीएम और नगरीय निकाय अधिकारी मिलकर समन्वय के साथ समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्यों में देरी न हो और योजनाएं समय पर धरातल पर उतर सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वर्ष 2025–26 के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किए जा चुके डीपीआर के लंबित प्रकरणों को जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत लैलूंगा और पुसौर में आवास निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमजोर प्रगति वाले निकायों से प्रतिवेदन लेकर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

बैठक में रायगढ़ नगर निगम, खरसिया नगर पालिका एवं नगर पंचायत घरघोड़ा, लैलूंगा, पुसौर, किरोड़ीमल नगर और धरमजयगढ़ क्षेत्र में संचालित योजनाओं, लंबित स्वीकृतियों, टेंडर प्रक्रिया और विभागीय प्रस्तावों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने दोहराया कि शासन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव समय पर और पूर्ण दस्तावेजों के साथ भेजे जाएं, ताकि स्वीकृतियों में अनावश्यक विलंब न हो।

साल 2024–25 और 2025–26 के लिए प्रस्तावित कार्यों की प्रस्तुति पर कलेक्टर ने विभागवार प्रगति, वित्तीय उपयोग, निर्माण गुणवत्त्ता और भौतिक प्रगति की वस्तुनिष्ठ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भविष्य की योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण और जनउपयोगिता को सर्वोच्च स्थान दिया जाए।

अटल आवास एवं अटल परिसर निर्माण कार्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने भवन निर्माण की गुणवत्ता, कार्य गति और स्थल निरीक्षण की नियमितता पर विशेष जोर दिया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें कलेक्टर ने तकनीकी मानकों एवं निर्माण गति को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट नगरीय स्वच्छता का प्रमुख आधार है, इसलिए इसमें गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिया कि नगरीय निकाय ऐसे प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई कर नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई ही अनधिकृत गतिविधियों पर अंकुश लगा सकती है।

बैठक में मुख्यमंत्री एवं मंत्रीस्तरीय घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति भी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी घोषणाओं पर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई कर उन्हें धरातल पर उतारा जाए। ‘वुमेन फॉर ट्री’ अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की सहभागिता से चलने वाली पर्यावरणीय पहलें अत्यंत प्रभावी होती हैं, इसलिए वृक्षारोपण एवं संरक्षण गतिविधियों को और मजबूत बनाया जाए।

नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की समीक्षा की तथा सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों में इनका निर्माण और रखरखाव अनिवार्य करने के निर्देश दिए। नगर निगमों में दुकानों की नीलामी प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई, जिसमें उन्होंने पारदर्शिता, उचित मूल्यांकन और राजस्व वृद्धि पर जोर दिया।

अंत में, सिटी डेवलपमेंट प्लान की समग्र समीक्षा की गई, जिसमें सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, हरित क्षेत्र, सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना सुधारों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने कहा कि सभी शहरी विकास योजनाओं को भविष्य की जरूरतों, जनसंख्या वृद्धि और जीवन गुणवत्ता में सुधार को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए।

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Author: Deepak Mittal

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