बिलासपुर। डिजिटल विज्ञापन के जाल में फंसकर 30 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने इस संबंध में धोखाधड़ी का FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, व्यापार विहार रोड, सांई शरण निवासी हेमंत मोदी ने सोशल मीडिया पर एक प्रतिष्ठित मेडिकल कालेज में सीधे एडमिशन का विज्ञापन देखा। उन्होंने मोबाइल पर गौरव झा से संपर्क किया और अपने बेटे अर्चित मोदी के एडमिशन के लिए बातचीत की। गौरव झा और उनके सहयोगी विनीत सिंह हेमंत मोदी के कार्यालय आए और बताया कि उनकी एजुकेशन कंसल्टेंसी पुणे में स्थित है और वे नामी कालेजों में एडमिशन कराने का काम करते हैं।
हेमंत मोदी को 5 जून 2025 को पुणे के मुख्यालय में शिवम शर्मा उर्फ गोपी, कृष्णा और विनीत सिंह से मुलाकात करवाई गई। उन्हें 100 प्रतिशत एडमिशन की गारंटी देने का आश्वासन दिया गया और एडमिशन प्रक्रिया में लगने वाले खर्च के रूप में कुल 30 लाख रुपए बताया गया।
इसके बाद हेमंत मोदी ने अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन माध्यम से यह राशि आरोपियों के बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी।
पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और संबंधित व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
Author: Deepak Mittal









