सरकार के सामने हथियार डालने के बाद डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ़ भूपति ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि संगठन के लोग उन्हें गद्दार कह रहे हैं, लेकिन वे गद्दार नहीं हैं। परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए उन्होंने अपने 60 साथियों के साथ हथियार डालने का निर्णय लिया।
भूपति ने वीडियो संदेश में कहा कि आज भी संगठन में कई साथी इलाके और सत्ता पर कब्जे के लिए हथियारबंद संघर्ष में डटे हुए हैं, लेकिन इसी रास्ते ने उन्हें जनता से दूर कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि हिंसा के कारण संगठन जनता के बीच से कट गया और कई साथियों को खोने के बाद उन्होंने सरेंडर का फैसला लिया।
भूपति ने कहा, “अब यह समय बंदूक उठाने का नहीं बल्कि आत्ममंथन का है। जनता की लड़ाई अब जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी जानी चाहिए।”
उन्होंने अपने साथियों से भी सरेंडर करने की अपील की है। इसके लिए उन्होंने एक संपर्क नंबर भी जारी किया है, जिस पर हिंसा छोड़ने की इच्छा रखने वाले नक्सली उनसे संपर्क कर सकते हैं।
भूपति ने यह भी माना कि संगठन के भीतर वैचारिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बदलाव की जरूरत है, ताकि जनता के मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाया जा सके।
Author: Deepak Mittal









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