बलौदाबाजार के मनोविकास केंद्र के छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाया नाम
गोवा के “पर्पल फेस्ट” में किया शानदार योग प्रदर्शन, कलेक्टर दीपक सोनी ने किया सम्मानित
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के लिए गर्व का क्षण रहा, जब जिले के मनोविकास केंद्र के विशेष बच्चों ने गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय “पर्पल फेस्ट” में भाग लेकर शानदार योग प्रदर्शन किया और छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
इन प्रतिभाशाली छात्रों की सफलता पर कलेक्टर दीपक सोनी ने उन्हें सम्मानित किया और उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और योग कौशल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने कहा कि बलौदाबाजार के ये विशेष छात्र समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने न केवल अपनी सीमाओं को पार किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
कलेक्टर सोनी ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल बच्चों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि जिले का मान और सम्मान भी बढ़ाते हैं। गोवा में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय “पर्पल फेस्ट” में देश-विदेश से आए विशेष बच्चों ने विविध प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें बलौदाबाजार के छात्रों का प्रदर्शन सबसे अलग रहा।
बलौदाबाजार के छात्रों ने मंच पर योग के माध्यम से समावेशिता, अनुशासन और मानसिक संतुलन का सुंदर संदेश दिया। उनके विभिन्न योगासन और समूह प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजकों ने भी इन छात्रों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर की योग प्रतिभा रखते हैं।
कार्यक्रम से लौटने के बाद छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गोवा में आयोजित यह फेस्ट जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात थी। हमने वहां बहुत कुछ सीखा और देश के विभिन्न हिस्सों से आए बच्चों से मिलकर नई प्रेरणा मिली।”
कलेक्टर दीपक सोनी ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “आपकी मेहनत और समर्पण ने बलौदाबाजार का नाम गौरवान्वित किया है। जिला प्रशासन आपके हर कदम पर सहयोग के लिए तत्पर रहेगा।” उन्होंने मनोविकास केंद्र के शिक्षकों और प्रशिक्षकों को भी बधाई दी, जिन्होंने इन बच्चों को प्रशिक्षित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
मनोविकास केंद्र की प्राचार्य ने बताया कि छात्रों की इस उपलब्धि के पीछे शिक्षकों और अभिभावकों का निरंतर सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य विशेष बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाना और उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का समान अवसर देना है।
यह उपलब्धि न केवल बलौदाबाजार जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए समावेशी शिक्षा और सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण भी बन गई है।
Author: Deepak Mittal









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