बिलासपुर रेलवे को मात्र कोयला ढुलाई से सरोकार, पर आम जनता बेहाल..

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सरगबुंदिया और मड़वारानी स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की माँग जोर पकड़ने लगी

जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24*7in बिलासपुर

बिलासपुर ,: कोरबा–चांपा रेलखंड पर स्थित सरगबुंदिया और मड़वारानी रेलवे स्टेशन वर्षों से यात्री सुविधाओं की उपेक्षा झेल रहे हैं। तहसील मुख्यालय बरपाली से सटे होने के बावजूद सरगबुंदिया स्टेशन से हसदेव एक्सप्रेस और लिंक एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं हो सका है। वहीं, मड़वारानी स्टेशन जो कि क्षेत्र की आस्था का केंद्र है जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु देवी मां मड़वारानी के दर्शन हेतु आते हैं वह भी सुविधा से वंचित है।

रेलवे प्रशासन का ध्यान केवल कोयला ढुलाई की गति बढ़ाने पर केंद्रित रहा है, जबकि इस रूट से गुजरने वाली सैकड़ों मालगाड़ियाँ इन स्टेशनों को पार करती हैं। परंतु, इन स्टेशनों से जुड़े दर्जनों गाँवों के लोग एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अब भी चांपा जैसी दूरस्थ जगह जाने को मजबूर हैं।

आँकड़े गवाही दे रहे
सिर्फ बीते वित्तीय वर्ष 2024–25 की बात करें तो सरगबुंदिया स्टेशन से 48,000 से ज्यादा यात्रियों ने यात्रा की और रेलवे को 11 लाख रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। वर्ष 2025–26 में अभी तक 17,895 यात्रियों ने सफर किया है और 3.42 लाख का राजस्व रेलवे को मिल चुका है। इसके बावजूद यात्री सुविधाओं में कोई विस्तार नहीं हुआ।

सुविधाएँ नहीं, उल्टा परेशानियाँ बढ़ीं
प्लेटफॉर्म नंबर 2 से सटी गुड्स साइडिंग में हमेशा मालगाड़ियाँ खड़ी रहती हैं, जिससे फुटओवर ब्रिज का उपयोग बाधित हो जाता है। लोग अक्सर मालगाड़ी के नीचे से होकर जान जोखिम में डालते हुए दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाते हैं। इसके अलावा, लोड मेंटेन के नाम पर अस्थाई कोल साइडिंग बनाकर रेलवे कोल डस्ट प्रदूषण बढ़ा रही है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन और कठिन हो गया है।

अन्य स्टेशन को लाभ, यहाँ उपेक्षा
बिलासपुर–रायपुर रेलखंड के बिल्हा स्टेशन में जब जनप्रतिनिधियों ने सक्रियता दिखाई तो 29 अगस्त 2023 से हसदेव एक्सप्रेस का ठहराव दोबारा शुरू हो गया। इसके विपरीत, कोरबा के जनप्रतिनिधि या रेल संघर्ष समितियाँ सरगबुंदिया और मड़वारानी को लेकर कभी गंभीर नजर नहीं आईं। कोरबा–चांपा के 40 किमी रेल मार्ग में 5 स्टेशन हैं, और इनमें से किसी भी स्टेशन में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है। ऐसे में सरगबुंदिया या मड़वारानी को एक व्यावहारिक और तार्किक विकल्प माना जा सकता है।

वर्तमान में केवल सीमित ट्रेनों का ठहराव
सरगबुंदिया स्टेशन पर वर्तमान में केवल 4 ट्रेनों का ठहराव है, जैसे –

गेवरारोड–रायपुर मेमू स्पेशल

कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस

गेवरा–ईतवारी शिवनाथ पैसेन्जर

कोरबा–बिलासपुर मेमू

डाउन ट्रेनों में भी केवल गिने-चुने स्टॉपेज मिलते हैं, जो बढ़ती आबादी और यात्रा मांग के अनुसार अपर्याप्त हैं।

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