8000 बच्चों को अपराधमुक्त जीवन की सीख: सरगांव पुलिस की ‘पहल’ कार्यशाला से जागरूकता अभियान

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निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली 8959931111

मुंगेली- मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विभिन्न विद्यालयों में “पहल” कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें करीब 8 हजार बच्चों को अपराधों से बचने और सुरक्षित जीवन जीने की प्रेरणा दी गई। इस अभियान के माध्यम से बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, नशे के दुष्प्रभावों और सुरक्षित यातायात जैसे मुद्दों पर जागरूक किया गया।

पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कार्यशालाओं में बच्चों के साथ सीधा संवाद किया और जीवन के तीन प्रेरणादायी मूलभूत सिद्धांतों—दैहिक, दैविक और भौतिक—के माध्यम से वास्तविकताओं का विस्तार किया। उन्होंने सबसे पहले शरीर की सुरक्षा, मन की एकाग्रता और उपलब्ध भौतिक साधनों से संतुष्ट होकर लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया।

अपने बचपन की जीवनशैली, माता-पिता के संस्कारों तथा कठिन संघर्षों से प्राप्त सफलता की कहानी साझा करते हुए उन्होंने बच्चों को अनुशासित जीवन अपनाने और स्वास्थ्य को मजबूत रखने के लिए प्रोत्साहित किया।थाना प्रभारी संतोष शर्मा के नेतृत्व में पुलिस कर्मी बबीता श्रीवास्तव, शत्रुघ्न खूंटे, पुलिस बालमित्र रोशना डेविड (उड़ान जीएस सोसायटी) ने समस्त स्कूलों में यह कार्यशाला आयोजित की।

कार्यक्रम में पहल के मुख्य उद्देश्यों पर फोकस किया गया, जिसमें मोबाइल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, नशे के दुष्परिणाम एवं उनसे दूर रहने के उपाय, सुरक्षित यातायात नियम तथा विभिन्न अपराधों से दूरी बनाए रखने की जानकारी दी गई। विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों तथा संबंधित कानूनों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

समाजसेवी शैलजा स्वामी व समाजसेवी बी शैलजा ने भी बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने मोबाइल से दूरी बनाकर अनुशासित जीवन जीने, सुविचारों और संस्कारों को अपनाने, पूर्ण शिक्षा प्राप्त करने तथा लक्ष्य हासिल कर एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान से बच्चों में अपराधमुक्त और सफल जीवन की दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।

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Author: Deepak Mittal

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