कर्नाटक के प्रसिद्ध धर्मस्थल मंदिर को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंदिर से जुड़े एक पूर्व सफाईकर्मी ने दावा किया है कि उसने 1995 से 2014 के बीच 100 से अधिक लड़कियों और महिलाओं की लाशों को मंदिर परिसर के आसपास दफनाया था।
यह दावा उसने पुलिस और अदालत में दर्ज बयान में किया है।
पूर्व सफाईकर्मी ने बताया कि उसे यह काम मंदिर प्रशासन से जुड़े प्रभावशाली लोगों द्वारा धमकी देकर करवाया गया। उसने आरोप लगाया कि इन महिलाओं के साथ कथित रूप से बलात्कार और हत्या की गई थी, और फिर उनकी लाशों को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाया गया।
पूर्व कर्मी ने पुलिस में दी गई शिकायत में कहा है कि 2014 में जब उसकी एक नाबालिग रिश्तेदार के साथ यौन उत्पीड़न हुआ, तो वह डर के मारे कर्नाटक छोड़कर पड़ोसी राज्य में चला गया। करीब 16 साल तक वह छिपकर रहा। अब उसने हिम्मत जुटाकर वापसी की है और पूरी जानकारी पुलिस और अदालत के समक्ष पेश की है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि उसने आदेश मानने से इंकार किया होता, तो उसे टुकड़े-टुकड़े कर मारने और उसकी भी लाश दफनाने की धमकी दी गई थी। उसने अपनी बातों को साबित करने के लिए कुछ गुमनाम कंकालों की तस्वीरें, आधार कार्ड और अपना पुराना कर्मचारी ID भी पुलिस को सौंपा है।
सफाईकर्मी ने गवाह सुरक्षा कानून 2018 के तहत सुरक्षा की मांग की है। उसने दावा किया है कि वह अब भी खतरे में है क्योंकि जिन लोगों ने उसे धमकाया था, वे आज भी प्रभावशाली पदों पर हैं।
धर्मस्थल मंदिर, जो दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित है, हर साल हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होता है। यहां पूजा हिंदू परंपराओं के अनुसार होती है लेकिन प्रशासन जैन समुदाय के हाथों में है। इस समय मंदिर का इंचार्ज वीरेन्द्र हेगड़े हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इस मंदिर से जुड़ी कई आपराधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 2003 में अनन्या भट्ट की रहस्यमयी गुमशुदगी और 2012 में 17 वर्षीय लड़की के साथ हुए कथित बलात्कार और हत्या का मामला आज तक अधूरा है।
इस मामले में पुलिस ने 4 जुलाई को IPC की धारा 211(A) के तहत केस दर्ज किया है। 13 जुलाई को पीड़ित गवाह अदालत पहुंचा और अपना बयान जज के समक्ष दर्ज कराया। अब महिला आयोग और कई वकीलों ने इस पूरे मामले की जांच के लिए SIT (विशेष जांच टीम) गठित करने की मांग की है।
Author: Deepak Mittal










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