Maharashtra News: महाराष्ट्र के वाशिम से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां महावितरण बिजली कंपनी की वसूली मुहिम के दौरान एक रोचक घटना घटी है. जिले के रिसोड शहर के एक ग्राहक ने अपना 7 हजार 160 रुपये का बिजली बिल एक और दो रुपये के सिक्कों में चुकाया है.
इन सिक्कों का कुल वजन लगभग 40 किलो था.
महावितरण बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने यह सिक्के ग्राहक से लेकर कार्यालय तक मोटसाइकिल पर एक किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचाए. वहीं इन सिक्को को गिनने में तीन कर्मचारियों प्रशांत थोटे (कैशियर), उद्धव गजभार (लाइनमैन) और अतुल थेर (ठेका कर्मचारी) को लगभग पांच घंटे का समय लगा.
सिक्के गिनने में कर्मचारियों को आ गए पसीने
यही नहीं सिक्के गिनने के दौरान कर्मचारियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी और ठंड के बावजूद पसीना आ गया. हालांकि, यह सिक्के प्रचलन में थे, इसलिए महावितरण कर्मचारियों को ग्राहक से सिक्के लेने से मना करने का अधिकार नहीं था. यह घटना महावितरण की वसूली प्रक्रिया के दौरान आई एक अनोखी चुनौती के रूप में दर्ज हुई है.
वहीं इस मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वयारल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि बिजली विभाग के ऑफिस में कर्मचारियों के टेबल पर सिक्के ही सिक्के नजर आ रहे हैं.
सीएम ने जताई थी बिजली रेट कम होने की संभावना
बता दें पिछले महीने नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए अगले 25 साल का खाका तैयार किया है. उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों समेत सभी को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने अगले दो-तीन साल में महाराष्ट्र में बिजली के रेट कम होने की संभावना भी जताई थी. दरअसल, देवेंद्र फडणवीस के पास राज्य के ऊर्जा मंत्रालय का भी प्रभार है और पिछली सरकार में भी यह मंत्रालय उन्हीं के पास था.

Author: Deepak Mittal
