(तरुण साहू अर्जुदा ब्लॉक) : कांदुल क्षेत्र की सेवा सहकारी समितियों में बारदाना की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राइस मिलों की हड़ताल के कारण पुराना बारदाना समितियों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे धान बेचने में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि उन्हें मजबूरन अपने खर्च पर बारदाना खरीदकर धान बेचने जाना पड़ता है। बाहरी बाजार से खरीदा गया बारदाना महंगा होता है, लेकिन समितियां धान की कीमत तय करते समय इसका उचित मूल्य नहीं जोड़ती। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
बारदाना संकट से दोगुनी मार
किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। पिछले दो सालों से बारदाना की यह समस्या बनी हुई है। कई किसान बताते हैं कि बारदाना स्वयं खरीदने के बाद भी समितियों द्वारा उसकी कीमत नहीं दी जाती।
किसानों की मांग
किसानों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि बारदाना की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, बारदाना की लागत को धान की समर्थन मूल्य में जोड़ा जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
Author: Deepak Mittal










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