जे के मिश्र । बिलासपुर – बिलासपुर जिले के बेलगहना तहसील के ग्राम डाडबछाली में पदस्थ पटवारी रामनरेश बागड़ी को सीमांकन में अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर की गई, जिसके बाद एसडीएम कोटा ने गुरुवार को पटवारी के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
पदस्थ रहते हुए गड़बड़ी का मामला
एसडीएम द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, पटवारी रामनरेश बागड़ी ने ग्राम मटसगरा, तहसील कोटा में अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान भूमि सीमांकन में गड़बड़ी की। सुरेश कुमार पिता फूलसिंह मरावी की भूमि खसरा नंबर 285/1, 37/1 और 37/2 का सीमांकन किया गया था, जिसका क्षेत्रफल क्रमशः 0.591, 0.251, और 0.182 हेक्टेयर था। 11 अप्रैल 2017 को हुई स्थल जांच में यह बताया गया कि उक्त भूमि पर कोई कब्जा नहीं है।
सीमांकन रिपोर्ट में मिला विरोधाभास
लेकिन, 20 अप्रैल 2017 को तहसीलदार कोटा को भेजी गई सीमांकन रिपोर्ट में पटवारी रामनरेश बागड़ी द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज में यह जानकारी दी गई कि खसरा नंबर 285/1 पर 0.35 एकड़ भूमि पर जनकराम पिता चमरू सिंह ने कब्जा कर रखा है। इस विरोधाभास के चलते यह साबित हुआ कि पटवारी ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 128-129 के तहत निर्धारित निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
तत्काल निलंबन का आदेश
कलेक्टर अवनीश शरण द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई। एसडीएम कोटा ने पटवारी रामनरेश बागड़ी को निलंबित करते हुए, आदेश में यह भी कहा कि पटवारी के खिलाफ विभागीय जांच जारी रहेगी। इसके साथ ही, नायब तहसीलदार ने इस मामले में कड़ी चेतावनी देते हुए अन्य अधिकारियों को भी भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं से बचने की हिदायत दी है।

यह कार्रवाई प्रशासनिक कठोरता का उदाहरण है और सरकारी कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का पालन करने के प्रति सख्त संदेश देती है।
Author: Deepak Mittal










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