राज्यपाल और सीएम साय ने दी शुभकामनाएं… राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह…55 शिक्षकों को मिला सम्मान

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रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस सम्मान के लिए राज्य भर से कुल 55 शिक्षकों का चयन किया गया। इनमें तीन शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार 2024 मिला, जबकि 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया।

बता दें कि, रश्मि सिंह धुर्वे, राजर्षि पांडेय और डॉ. सरिता साहू को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बिलासपुर जिले की व्याख्याता डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कबीरधाम जिले के शिक्षक राजर्षि पांडेय को डॉ. मुकुटधर पांडेय स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दुर्ग जिले की वरिष्ठ शिक्षिका डॉ. सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

“समाज को आगे ले जाने में शिक्षकों की अहम् भूमिका”

इस अवसर पर राज्यपाल रामेन डेका ने सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए श्रोताओं को संबोधित किया। उन्होंने समाज में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने पारंपरिक शिक्षण विधियों और समकालीन दृष्टिकोणों के बीच काफी अंतर पर ध्यान दिलाया। शिक्षा सहित हर क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहे हैं, जहाँ निरंतर परिवर्तन स्पष्ट हैं। नई शिक्षा नीति से छात्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

सीएम बोले- राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूरे प्रदेश में होगी लागू

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सभी सम्मानित शिक्षकों का सम्मान करते हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में भारत ऐतिहासिक रूप से आगे बढ़ा है। किसी भी समाज को आकार देने में शिक्षकों की भूमिका अहम होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरे राज्य में लागू किया गया है। सरकारी स्कूलों में शिक्षक अभिभावक-शिक्षक बैठकों के महत्व पर जोर दे रहे हैं। इसके अलावा, राज्य में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और हमने 18 स्थानीय भाषाओं में शिक्षा शुरू की है।

नक्सलवाद का अंधेरा कम होने के साथ अब फैलेगी बस्तर में शिक्षा की नई रोशनी 

उन्होंने आगे कहा कि नक्सलवाद का अंधेरा कम होने के साथ ही बस्तर में अब शिक्षा की नई रोशनी फैल रही है। बच्चों को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा दी जा रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा का विकास हमारा प्राथमिक उद्देश्य है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएम श्री स्कूलों की स्थापना की जा रही है।

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Author: Deepak Mittal

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