शासन की योजना से पशुपालक कुलदीप के समृद्धि की राह हुई आसान,बकरीपालन कर बना लखपति…..

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

(निर्मल अग्रवाल ) मुंगेली -मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासन द्वारा गांव, गरीब और आम किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने एवं उन्हें प्रगति की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इसी कड़ी में मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम सोढ़ार के पशुपालक कुलदीप सिंह ठाकुर ने पशुधन मिशन योजना का लाभ लेते हुए समृद्धि की राह तय किया।

कुलदीप गांव सोढ़ार में खेती-किसानी कर अपना गुजारा कर रहे थे। इस दौरान उन्हें पशु चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित योजना की जानकारी मिली।

उन्होंने कार्यालय में सम्पर्क किया और योजना के अंतर्गत अनुदान प्राप्त कर 10 नग देशी बकरी एवं 01 बीटल बकरा खरीदा और बकरीपालन प्रारंम्भ किया। वर्तमान में उनके पास 50 बकरी एवं 10 उन्नत नस्ल बीटल, बारबेरी, जमुनापारी, तोताफरी, ब्लैक बेंगाल आदि के बकरी एवं ब्रीडिंग हेतु बकरे हैं।


 किसान कुलदीप ने बताया कि डेयरी में बकरी से 10 लीटर दूध निकाला जाता है, जिसे 150 रूपए प्रतिलीटर की दर से बाजार में बेचकर वे प्रतिदिन 1500 रूपए कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बकरियों को घर में हरी पत्ती, हरा बरसीम, चना, तिवरा, मसूर व अरहर का भूसा खिलाकर पाला जा सकता है, यह रबी के मौसम में आसानी से प्राप्त हो जाता है।

कुलदीप ने बताया कि प्रतिवर्ष चारा के लिए लगभग 03 लाख रूपए खर्च होता है। वहीं लगभग 07 से 08 लाख रूपए की आमदनी हो जाती है। उन्होंने बताया कि बकरा के विक्रय के लिए बाजार में जाने की आवश्यकता नहीं होती। लोग यहीं से आकर बकरा खरीदते हैं।

बता दें कि कलेक्टर राहुल देव ने ग्राम सोढ़ार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसान कुलदीप सिंह ठाकुर के डेयरी का अवलोकन किया था और उनकी इस प्रगति की सराहना की तथा उनका हौंसला बढ़ाते हुए व्यवसाय को आगे भी मदद देने की बात कही।

किसान कुलदीप ने शासन की इस पहल एवं योजना की तारीफ की और खुशी व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि शासन के विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प का सीधा लाभ हम जैसे गांव, गरीब, आम किसानों को मिल रहा है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *