
(निर्मल अग्रवाल) : मुंगेली-नेशनल कम्पनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT), नई दिल्ली के सदस्य नरेश सलेचा का आज श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप, मदकू में आगमन हुआ। इस अवसर पर श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप सेवा समिति, मदकू ने उनका आत्मिय स्वागत किया। समिति के अध्यक्ष जीवन लाल कौशिक, सचिव भगवती प्रसाद मिश्र और कोषाध्यक्ष मनीष अग्रवाल, ने सलेचा का श्रीफल, शाल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
नरेश सलेचा का स्वागत करते हुए समिति के सदस्यों ने उन्हें पूरे द्वीप का भ्रमण कराया। इस दौरान द्वीप की पुरातात्विक, धार्मिक और जैव-विविधता से संबंधित जानकारी उन्हें दी गई। मदकू द्वीप, जिसे केदार द्वीप के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन स्थल है.
जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यहां के पुरातात्विक स्थलों में 18 प्राचीन मंदिरों के समूह, अष्टभुजी श्री गणेश मंदिर,शिलालेख, और अन्य ऐतिहासिक अवशेष शामिल हैं, जो इस स्थान की गौरवशाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को उद्घाटित करते हैं।

नरेश सलेचा ने द्वीप की यात्रा के दौरान इसके धार्मिक महत्व को भी समझा। इस द्वीप का धार्मिक महत्व बहुत पुराना है और यह एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है। यहां के धार्मिक स्थलों का दर्शन करते हुए उन्होंने द्वीप की आध्यात्मिक ऊर्जा को महसूस किया।
जैव-विविधता के संदर्भ में, समिति के सदस्यों ने उन्हें बताया कि मदकू द्वीप विभिन्न औषधीय वनस्पतियों और जीवों का घर है। इस द्वीप पर कई दुर्लभ पौधे और पक्षी पाए जाते हैं, जो इसे एक अद्वितीय जैव-विविधता स्थल बनाते हैं। द्वीप की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य ने श्री सलेचा को प्रभावित किया, और उन्होंने इसके संरक्षण के लिए समिति के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर समिति के अन्य सदस्य और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित थे, जिन्होंने सलेचा के आगमन पर हर्ष व्यक्त किया। द्वीप के भ्रमण के बाद, सलेचा ने समिति के कार्यों की प्रशंसा की और इस स्थान के संरक्षण और विकास के लिए अपने सहयोग का आश्वासन दिया।
श्री हरिहर क्षेत्र केदार द्वीप सेवा समिति, मदकू के सदस्यों ने इस आगमन को द्वीप के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि ऐसे सम्मानित व्यक्तित्वों के आगमन से द्वीप की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहर को और अधिक पहचान मिलेगी।
अंत में, नरेश सलेचा ने द्वीप के विकास और इसके संरक्षण के लिए समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए अपनी शुभकामनाएं दीं।
Author: Deepak Mittal









