
दंतेवाड़ा — 21 जुलाई को किरंदुल में लगातार और अत्याधिक बारिश होने के कारण किरंदुल माइन्स की 11 / सी खदान में जमा बारिश का पानी ओवर फ्लो होकर नगर की नीचली बस्ती के लोगों के घरों घुस गया।
इसकी सूचना मिलते ही परियोजना प्रबंधन अपने अधिकारियों और राहत दल के साथ आपदा स्थल पर पहुंचे और राहत कार्य आरंभ कर पीड़ितों को तुरंत सुरक्षित स्थल पर ले जाया गया।
परियोजना द्वारा मंगल भवन में बनाए गए राहत शिविर में लोगों को रहने की उत्तम व्यवस्था के साथ उन्हें नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन एवं बिस्तर की व्यवस्था कर राहत दी गई। घटना के दिन से ही किरंदुल कॉम्प्लेक्स के कार्मिक, सिविल आदि विभागों के कर्मियों और जिला प्रशासन के कर्मियों के साथ ही 150/200 लोगों ने लगातार हो रही बारिश में रात दिन मेहनत कर के इस प्राकृतिक आपदा में युद्ध स्तर पर पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाई है।

एनएमडीसी, किरन्दुल परियोजना ने अब तक 179 आपदा पीडित प्रत्येक परिवार को 20,000/- रुपये चेक के
माध्यम से मंगल भवन, बंगाली केम्प में आपदा सहयोग राशि ताबडतोड प्रदान कर मानवता की नायाब मिसाल कायम की है।

एनएमडीसी लिमिटेड के सीएमडी अमिताभ मुखर्जी तथा निदेशकों के सतत मार्गदर्शन एवं कलेक्टर , जिला प्रशासन, दंतेवाड़ा की सहमति एवं सहयोग और मुख्य
महाप्रबंधक तथा परियोजना प्रमुख, किरंदुल कॉम्प्लेक्स संजीव साही के नेतृत्व में उक्त राशि के
चेक दिए गए। नुक़सान का सर्वे पटवारी एवं किरंदुल कॉम्प्लेक्स द्वारा गठित समिति ने किया ।
इसके पश्चात नुकसान का जायजा परियोजना एवं जिला प्रशासन द्वारा लेकर मुआवजा दिया जाएगा ।
बारिश के पानी के कारण आसपास के ग्रामीणों के खेतों में भी लौह चूर्ण बहने की शिकायत मिल रही है जिसके बारे में प्रशासन की सलाह के अनुसार सर्वे कर आगे की कार्रवाई होगी।

मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में जुलाई महीने में 20 से लेकर 26 तारीख तक 1557 एमएम बारिश, जुलाई माह की 26 तारीख तक 2861.1 एमएम और 01 अप्रैल से जुलाई 26 तारीख तक 4003.9 एमएम बारिश हुई है। पिछले 15 वर्षों में केवल 27 जुलाई, 2024 को यानि
एक ही दिन में 471.8 एमएम बारिश हुई है।
इस वर्ष को जुलाई माह में कुल 3543.1 एमएम
बारिश हुई है जो सन 1968 से लेकर अब तक किसी भी जुलाई माह की सर्वाधिक बारिश है। आपदा की स्थिति का जायजा लेने वनमंत्री, छ.ग. शासन केदार कश्यप,
दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, भूतपूर्व बस्तर सांसद दीपक बैज, कलेक्टर एवं पुलिस अधिक्षक, दंतेवाड़ा किरंदुल आए एवं एनएमडीसी परियोजना प्रबंधन द्वारा किए जा रहे
राहत एवं बचाव कार्यों के प्रयासों से अवगत हुए ।
आपदा स्थिति का दैनिक एवं नियमित रूप से नजर बनाए रखने के लिए किरंदुल प्रबंधन द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और विभिन्न गठित समितियों द्वारा इसका भरसक जायजा लिया जा रहा है।
कल्याण समिति, चेकडेम रेस्टोरेशन समिति, रेस्क्यू समिति जैसी समितियों द्वारा राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।
इसके साथ ही परियोजना के उच्च
एवं उच्चतर अधिकारियों द्वारा हर दिन मौके पर जाकर राहत और बचाव कार्यों पर पूर्ण नियंत्रण रखा
जा रहा है। मंगल भवन में रह रहे करीब 100 आपदा पीडित एवं अपने घरों में रह रहे पीड़ितों को
खाने-पीने और कपड़े आदि की व्यवस्था एनएमडीसी द्वारा राज्य सरकार, जिला प्रशासन दंतेवाड़ा के
माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही परिवारों को एक खाद्य सामग्री दी गई। इन सभी की
परियोजना चिकित्सालय द्वारा हर दिन मेडिकल जांच की जा रही है।
किंतु देखा जा रहा है कि आपदा की इस स्थिति क े बारे में लोगों को भ्रामक एवं तथ्यहीन
जानकारियां प्रसारित की जा रही है जो पूर्णत: वस्तुस्थिति से परे है। परियोजना प्रबंधन सभी स्थानीय
लोगों से यह निवेदन करता है कि आपदा की इस कठिन घड़ी में एनएमडीसी प्रबंधन एवं परियोजना
तथा जिला प्रशासन के सब लोग हर समय आपके साथ खड़े हैं तथा आप लोगों से अपेक्षा करते हैं कि
इस कठिन समय में किए जा रहे राहत कार्यों में अपना सहयोग दें।
Author: Deepak Mittal









