नवभारत टाइम्स ब्यूरो प्रमुख मुंगेली निर्मल अग्रवाल की रिपोर्ट
मुंगेली– विकास के रथ में तेजी से सवार होकर नित आगे बढ़ने की होड़ लगातार प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ वनों और वृक्षों की अंधाधुंध कटाई ने नतीजन आज मुंगेली जिले को छत्तीसगढ़ के प्रथम और देश के नौवें( सर्वे रिपोर्ट- 47.3 डिग्री तापमान) सबसे गर्म जिलों में शुमार कर दिया है।
नवतपा के छठवें दिन जिले का तापमान 46.9 डिग्री दर्ज हुआ जो कि छत्तीसगढ़ के सबसे गर्म जिलों में पुनः प्रथम स्थान पर रहा । मौसम विभाग लगातार इस भीषण गर्मी में हिटवेव के साथ येलो अलर्ट जारी कर रहा है और जनमानस से सावधानी बरतने की अपील भी कर रहा है । मगर इस धरती पर जन्म लिया हर मनुष्य दैनिक मूलभूत आवश्यकताओं के नही रह सकता । लिहाजा इसी तारतम्य में कल एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मामला मुंगेली जिले के नगर पंचायत सरगांव का है। मुख्य मार्ग पर आर के इलेक्ट्रिकल्स के संचालक की पत्नी वार्ड क्रमांक 14 दोपहर अपने घर पर थी उन्होंने छत पर कुछ अनाज सूखने को रखा था । अंधाधुंध कटाई हो चुके या कहे लगभग समाप्त हो रहे वनों से ठिकाने के तलाश में काफी मात्रा में आये वानर नगर में दिखाई देते है जो उनकी छत पर पहुँचे उन्हें भगाने के उद्देश्य से वे छत पर पहुँची ही थी कि तेज गति से लू के थपेड़ों ने उन्हें अपने चपेट में ले लिया। निचे आते ही वे चक्कर खाकर बेहोश हो गयी जिन्हें प्राथमिक उपचार हेतु निजी अस्पताल ले जाया गया स्थिति देखते हुवे उन्हें सिम्स बिलासपुर रिफर किया गया था जंहा उन्होंने अपना दम तोड़ दिया। पंचनामा पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया गया।
प्राकृतिक गर्मी और सियासी गर्मी मानो एक दूसरे के पूरक नज़र आ रही है क्योंकि जैसे जैसे लोकसभा चुनाव के एक एक चरण होते जा रहे है वैसे वैसे प्रकृति भी एक एक चरण गर्म होते जा रही है। गर्मी का राजनीति से शुरू से ही गहरा लगाव रहा है। पेड़ पौधों की कमी गर्मी का कारण की चर्चा पश्चात “पेड़ लगाओ देश बचाओ” की दुहाई..वृक्षारोपण के नाम पर फोटो खिंचवाने की राजनीति ..और सरकारी खजाने की बंदरबांट भीषण गर्मी की रोकथाम के साथ ही किये जाने वाले नाम मात्र के वृक्षारोपण के संरक्षण मामले पर शून्य नज़र आती दिखाई देती है ।

Author: Deepak Mittal








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