दीपक मित्तल बालोद/रायपुर
राम नाम की धुन की गूंज गूंजती रही बालोद जेल के बंदियों के बीच,,

एस शोभा रानी सहायक जेल अधीक्षक ने रामलला महोत्सव को लेकर दिए विभिन्न टिप्स
बालोद/रायपुर,राम नाम की धुन की गूंज गूंजती रही बालोद जेल के बंदियों के बीच, बंदियों ने भगवान श्री राम की तस्वीर लगाकर श्री राम भगवान को लेकर भजन पाठ किया, श्री राम ,जय जय, राम राम के नारे लगाए बालोद जेल पूरी तरह राममय हो गया राममय जैसा माहौल बालोद जेल के अंदर देखने को मिला एस शोभा रानी सहायक जेल अधीक्षक ने बताया कि जहां अयोध्या सहित पूरा देश रामलला महोत्सव को लेकर उत्सव मना रहा था वहीं महामहोत्सव महोत्सव के रूप में बालोद जेल के बंदियों ने भी रामायण पाठ कर भगवान राम के नारे लगाए उन्होंने बताया कि इस अवसर पर बंदियों द्वारा मिठाई स्वरूप फूल एवं मिठाई का वितरण किया गया,

मिठाइयां वितरण कर रामलला महोत्सव का कार्यक्रम मनाया गया बालोद जेल भी पीछे नहीं रहा रामलला महोत्सव को लेकर बंदियों ने विभिन्न प्रकार के गाने गाकर फूल माला चढ़ाया
पूरे देश भर में राम नाम की धुन गूंज रही है. क्योंकि आज 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या किया गया,. इसी के तहत बालोद का जिला जेल राम नाम से गूंज उठा सजायाप्ता बंदियों ने राम दरबार की अलौकिक माहौल बनाया,.


अयोध्या में भगवान श्री रामचंद्र की प्राण प्रतिष्ठा किया गया. देश भर में राम नाम की धुन गूंज रही है. जगह-जगह श्री राम के भजन, कीर्तन, भागवत, श्रीरामचरित मानस, सुंदरकांड और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है. इसको लेकर बालोद जिले के जिला जेल में भी भगवान राम के भव्य आयोजन किया गया ,,बंदियों ने भजन कीर्तन किया और भगवान श्री राम की भक्ति में झूमते हुए नजर आए.राम नाम से गूंज उठा जेल
बालोद जेल में भी आज बही भक्ति की बयार,भजन कीर्तन के साथ अयोध्या में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की खुशियां मनाई गई।
सहायक जेल अधीक्षक एस शोभा रानी ने कहा कि आज रामलला की 500 वर्षों बाद वापसी की खुशियां पूरा देश अपने अपने परिवार के साथ हर्षोल्लास से मना रहा है, ऐसे में उन्हें जेल के बंदियों ने भी
भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा की खुशियां बांटी और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को अपना कर सभी क्रोध और अपराध से दूर रहें।

बालोद जेल में भजन हुआ और साथ में जेल को भगवा तोरण और झंडों से सजाया गया। सभी जितने बंदी हैं आज भगवान राम के भजन पर सभी झूम उठे और उन्होंने वायदा भी किया अपने भगवान से कि यहां से जब हम निकलेंगे तो निश्चित रूप से आध्यात्म की दुनिया में जाएंगे। राम नाम जपेंगे और किसी भी प्रकार का कोई अपराध नहीं करेंगे, अपने परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे, बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे ताकि जिस जेल में आज वो कैदी हैं, जेल में उनके बच्चे मुख्य अतिथि बनकर आएं, उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाए, ऐसी उनकी सोच है। मुझे ऐसा लगता है कि रामलला की वापसी जिस प्रकार से हुई, पाँच सौ साल बाद मनुष्यों में, इंसान में भी बड़ा बदलाव आएगा और कहीं न कहीं हम सब जो हैं भगवान रामलला की वापसी का स्वागत कर रहे हैं। ,,
Author: Deepak Mittal









