क्या होता है डंप डेटा, जिससे सुलझेगी दिल्ली में लाल किला कार ब्लास्ट की गुत्थी, कैसे जुटाते हैं मोबाइल का यह DATA?

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

ई दिल्‍ली. राजधानी में लाल किले के पास धमाके के बाद जांच एजेंसियों की नजर सोशल मीडिया पर भी टिकी है और आसपास के कई इलाकों से डंप डाटा जुटाने की कवायद शुरू की जा चुकी है. जांच एजेंसियों ने लालकिला के आसपास के एरिया में ऑपरेट हो रहे सभी मोबाइल फोन का डंप डेटा कलेक्‍ट करना शुरू कर दिया है.

उनका मानना है कि डंप डेटा से फोन नंबरों का सुराग हासिल हो सकता है जो इस कार धमाके से जुड़े होंगे. इसके लिए लाल किला पार्किंग और उसके आसपास का भी डंप डेटा हासिल किया जा रहा है.

जांच एजेंसियों का मानना है कि जिस गाड़ी में धमाका हुआ, उसमें बैठे लोगों ने किसी न किसी से तरह से आपस में बातचीत की होगी. लिहाजा पार्किंग में इस्‍तेमाल हो रहे सभी फोन के डेटा को अहम माना जा रहा है. फरीदाबाद में भी डंप डेटा के जरिये दोषी लोगों के बीच हुए कम्युनिकेशन का पता लगाया जा रहा है. इससे पता चल सकेगा कि कितने लोग आपस में कम्युनिकेशन कर रहे थे. इस डाटा के जरिये ही धमाके के जिम्‍मेदार लोगों के बीच जो भी बातचीत हुई होगी, उसका पता लगाया जा सकेगा.

क्‍या होता है डंप डाटा
डंप डाटा जैसा कि इसके नाम से ही जाहिर होता है, यह ऐसा डाटा होता है जिसकी कोई जरूरत नहीं पड़ती. अमूमन इस तरह के डाटा को न तो पहले से ट्रेस किया जाता है और न ही इसकी कोई जरूरत पड़ती है. रोजाना मोबाइल पर करोड़ों लोग बातचीत करते हैं और उन सभी के डाटा का कोई इस्‍तेमाल नहीं किया जाता है, जब तक कि जरूरत न पड़े. आसान शब्‍दों में कहें तो यह एक तरह का रॉ डाटा होता है, जो बैकअप के रूप में ही इस्‍तेमाल किया जाता है. हालांकि, इस डाटा में भी रिकॉड्स आदि शामिल होते हैं.

डंप डाटा से क्‍या मिलता है
डंप डाटा से सिर्फ कॉल रिकॉर्ड्स को ही रिकवर नहीं किया जाता है, बल्कि इससे अन्‍य तरह के डाटा को भी रिकवर किया जाता है. जैसे फोन या लैपटॉप से डिलीट की हुई वॉट्सऐप चैट, गैलरी से डिलीट की गई फोटो, कॉल रिकॉर्ड, एसएमएस, गूगल या इंटरनेट की ब्राउजर हिस्‍ट्री, इंस्‍टाग्राम, फेसबुक सहित अन्‍य सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म का डाटा भी इससे रिकवर किया जा सकता है.

कितने समय में रिकवर होता है डाटा
अगर किसी का सामान्‍य एंड्रॉयड फोन है तो डंप डाटा को रिकवर करने के लिए सिर्फ 2 से 6 घंटे का समय लगता है, लेकिन आधुनिक आईफोन जैसे मोबाइल से इस डाटा को 24 से 72 घंटे में रिकवर किया जा सकता है. एफएसएल रिपोर्ट भी 15 दिन से लेकर 6 महीने में आती है. इसका मतलब है कि एफएसएल के जरिये आंकड़े जुटाने में समय लग सकता है. साथ ही अगर किसी का फोन फैक्‍ट्री रीसेट हो चुका है और डाटा ओवरराइट हो चुका है तो फिर कुछ नहीं मिलता. साथ ही जो बहुत पुराना या खराब फोन होता है अथवा जिसका चिप डैमेज होता है, उससे भी डाटा नहीं निकल पाता है.

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

December 2025
S M T W T F S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031  

Leave a Comment