कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार मुखर हैं. इस बीच बिहार में चुनाव से पहले कांग्रेस नेता ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं.
करीब 1300 किलोमीटर लंबी यात्रा का आज मंगलवार को तीसरा दिन है. यह यात्रा आज नवादा में रहेगी. राहुल यहां 2 जनसभाओं को संबोधित भी करेंगे. दक्षिणी बिहार में पड़ने वाले नवादा जिले की सियासत आखिर क्या कहती है और किस गठबंधन की स्थिति यहां पर मजबूत है.
राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और ‘इंडिया’ गठबंधन के कई अन्य नेताओं की मौजूदगी में रविवार से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की, और इस दौरान चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा. कल गयाजी में आयोजित जनसभा में राहुल ने चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि केंद्र और बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनी तो ‘वोट चोरी’ के आरोप में मुख्य चुनाव आयुक्त (ज्ञानेश कुमार) और चुनाव आयुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वोटों की रक्षा का दावा करती यह यात्रा
‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आज तीसरा दिन है और राहुल गांधी 2 जनसभाओं को संबोधित करेंगे. कांग्रेस इस यात्रा के जरिए बिहार के लोगों को लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उनके वोटों की रक्षा की जाएगी और वोट चोरी करने वाले गद्दारों को हटाया जाएगा. हम जनता के साथ मिलकर ये जंग लड़ेंगे और जीतेंगे.” इस यात्रा के दौरान अपने 16 दिन के सफर में 20 जिलों से होते हुए राहुल गांधी कुल 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे.
बिहार के दक्षिणी क्षेत्र में पड़ने वाले नवादा जिला राज्य के 38 जिलों में से एक है. यह जिला मगध डिविजन में आता है. इस जिले की सीमाएं बिहार में गया, शेखपुरा और जमुई से मिलती हैं, जबकि इसका अच्छा खासा क्षेत्र झारखंड के कोडरमा और गिरिडिह से मिलती है. अगर मगध डिविजन को देखें तो इसमें 5 जिले अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया और नवादा आते हैं.
मगध डिविजन में महागठबंधन का दबदबा
इन डिविजन में विधानसभा की कुल 26 सीटें आती हैं, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाले महागठबंधन की स्थिति कहीं मजबूत मानी जाती है. 2020 के विधानसभा चुनाव में 26 सीटों में से महागठबंधन के खाते में 20 सीटें आई थीं. बिहार में जनता दल यूनाइटेड की अगुवाई वाले एनडीए की हालत बहुत ही खराब रही थी. वह महज 6 सीट ही अपने कब्जे में कर सकी थी. राहुल गांधी की यात्रा आज जिस नवादा जिले से गुजर रही है वहां महागठबंधन का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा था.
देश के बेहद पिछड़े जिलों में शामिल नवादा जिले की 5 विधानसभा सीटों में से 4 सीटें महागठबंधन के खाते में गई थीं जबकि महज एक सीट पर एनडीए को जीत मिली. जिस एक सीट (वरसालीगंज) पर एनडीए को जीत मिली वहां से बीजेपी प्रत्याशी अरुणा देवी विजयी रही थीं. बाकी चारों सीट राजौली, हिसुआ, नवादा और गोबिंदपुर महागठबंधन के खाते में गई थीं. महागठबंधन की ओर से 4 से से 3 सीटों पर आरजेडी को जीत मिली थी.
नवादा से श्रीकृष्ण सिन्हा का नाता
यह वही नवादा जिला है जो कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था. ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी शाम को जिले के शेखपुरा के बरबीघा में डॉक्टर श्रीकृष्ण सिन्हा चौक पर बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. और फिर वहीं पर जनसभा को संबोधित करेंगे. श्रीकृष्ण सिन्हा नवादा जिले के खानवा में पैदा हुए थे. वह महान स्वतंत्रता सेनानी रहे. आजादी के बाद बिहार के वह पहले मुख्यमंत्री बने. और अपनी मृत्यु तक यानी 1961 तक पद पर बने रहे. उन्हें बिहार केसरी और श्री बाबू के नाम से भी बुलाया जाता रहा है.
वह बिहार की ताकतवर भूमिहार बिरादरी (राज्य में 2.86%) से आते हैं. राहुल एक ओर जहां दलित और मुस्लिम समाज पर नजर लगाए हुए हैं तो वहीं वह भूमिहार वोटर्स को भी अपने साथ रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. नवादा जिले में कांग्रेस को पिछले चुनाव में एक सीट मिली थी जबकि उसकी सहयोगी आरजेडी के खाते में 4 सीटें आई थीं. महागठबंधन अपने पिछले प्रदर्शन को बनाए रखना चाहती है. ऐसे में उसकी कोशिश इस जिले में यात्रा के जरिए अपने पिछले प्रदर्शन को बनाए रखते हुए मगध डिविजन में क्लीन स्वीप लगाने की होगी.

Author: Deepak Mittal
