UP BJP President: 12 दिसंबर को यूपी भाजपा को मिलेगा नया अध्यक्ष! दावेदारी में ये नेता टॉप पर, कैसे होगा चुनाव?

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UP BJP President Election Date: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा। महीनों से चल रही चर्चाओं के बाद अब तस्वीर लगभग साफ होती दिख रही है।

पार्टी सूत्रों की मानें तो 12 दिसंबर को यूपी बीजेपी को अपना नया अध्यक्ष मिल सकता है।

संगठन में आंतरिक तैयारी पूरी हो चुकी है और केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार है। 16 दिसंबर से पहले अध्यक्ष की घोषणा की संभावना इसलिए भी मजबूत है क्योंकि खरमास शुरू होते ही बीजेपी बड़े फैसलों से परहेज करती है।

चुनाव की तैयारियां पूरी, प्रांतीय परिषद के सदस्य लगभग तय

यूपी बीजेपी के संगठन चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अध्यक्ष के चुनाव के लिए सबसे जरूरी प्रांतीय परिषद के सदस्यों का चयन लगभग पूरा हो गया है। 403 विधानसभा सीटों में से 327 स्थानों पर सदस्य चुन लिए गए हैं। यह वही सदस्य हैं जो प्रदेश अध्यक्ष के लिए वोट डालते हैं।

प्रदेश को 98 संगठन जिलों में बांटा गया है जिनमें से 84 जिलों में चुनाव हो चुके हैं। यानी संगठनात्मक ढांचा अब लगभग तैयार है और तकनीकी रूप से अध्यक्ष चुनाव में कोई बाधा नहीं बची है। प्रदेश के 1918 मंडलों में से 1600 से ज्यादा मंडलों के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि उनके लखनऊ पहुंचते ही नामांकन की औपचारिकताएं शुरू हो जाएंगी और उसी दिन दोपहर बाद नाम का ऐलान भी हो सकता है।

भाजपा अध्यक्ष दावेदारों की लंबी सूची, कौन पड़ेगा सबसे भारी?

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कई बड़े नामों की चर्चा तेज है। पूर्व केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, दलित नेता विधायसागर सोनकर और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।

निरंजन ज्योति कुछ समय पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर चुकी हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है। वह न केवल ओबीसी समाज की मल्लाह जाति से आती हैं बल्कि महिला चेहरा भी हैं। पार्टी के भीतर कई नेता यह तर्क दे रहे हैं कि महिला वोटरों की बढ़ती ताकत को देखते हुए बीजेपी पहली बार किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के इतिहास में आज तक कोई महिला अध्यक्ष नहीं बनी है, ऐसे में यह कदम पार्टी के लिए नया संदेश भी होगा।

दूसरी ओर, आगरा और इटावा से सांसद रह चुके रामशंकर कठेरिया भी मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहे हैं। यूपी में करीब 21 फीसदी दलित आबादी है और 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी दलित या ओबीसी नेता पर दांव लगा सकती है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि समाजवादी पार्टी के PDA फार्मूले का मुकाबला करने के लिए बीजेपी सामाजिक समीकरण को और मजबूत करना चाहती है।

प्रदेश में सामाजिक संतुलन भी एक बड़ा फैक्टर

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में दो डिप्टी सीएम हैं। ब्रजेश पाठक ब्राह्मण समाज से आते हैं जबकि केशव प्रसाद मौर्य ओबीसी समुदाय से। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्षत्रिय समाज से हैं। ऐसे में पार्टी अब अध्यक्ष पद के जरिए तीसरे पावर सेंटर का सामाजिक संतुलन तय करना चाहती है। यही वजह है कि दलित और ओबीसी चेहरे की चर्चा लगातार बनी हुई है।

कैसे चुना जाता है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष? जानिए पूरी संवैधानिक प्रक्रिया

बीजेपी के संविधान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष चुनने के लिए सबसे पहले प्रांतीय परिषद के सदस्य बनाए जाते हैं। हर विधानसभा क्षेत्र से एक सदस्य चुना जाता है, लेकिन यह चयन वहीं होता है जहां जिलाध्यक्ष पहले से घोषित हों।

इस बार 98 जिलों में से 84 जिलाध्यक्ष चुन लिए गए हैं और 350 से अधिक परिषद सदस्यों की पुष्टि भी हो चुकी है। इसके अलावा विधानमंडल और संसद के सदस्यों में से 10-10 प्रतिशत सदस्य प्रांतीय परिषद का हिस्सा बनते हैं।

विधानसभा और विधान परिषद मिलाकर बीजेपी के पास कुल 337 सदस्य हैं, जिनमें से 34 परिषद में शामिल होंगे। वहीं लोकसभा और राज्यसभा के कुल 57 सदस्यों में से 6 सदस्य परिषद के रूप में जोड़े जाएंगे। कुल मिलाकर लगभग 400 सदस्य नया प्रदेश अध्यक्ष चुनेंगे।

नामांकन कैसे होगा और प्रस्तावक कौन होंगे?

मतदान सूची जारी होने के बाद दो दिन की प्रक्रिया तय की जाएगी। पहले दिन नामांकन भरा जाएगा, उसकी जांच होगी और जरूरत पड़ने पर नाम वापस भी लिया जा सकेगा। अगर एक ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल करता है तो सर्वसम्मति से चुनाव हो जाएगा। अगर एक से ज्यादा नाम आते हैं तो अगले दिन मतदान और मतगणना होगी।

नामांकन में प्रस्तावक के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री, और प्रदेश संगठन के शीर्ष नेता शामिल हो सकते हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में प्रस्तावक राष्ट्रीय परिषद के सदस्य होते हैं और इस बार उत्तर प्रदेश से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह महत्वपूर्ण प्रस्तावक हो सकते हैं।

अंतिम फैसला 12 दिसंबर?

सारे संकेत इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि यूपी बीजेपी को नया अध्यक्ष 12 दिसंबर को मिल जाएगा। पार्टी के भीतर चर्चाएं तेज हैं, बैठकें जारी हैं और केंद्रीय नेतृत्व जल्द फैसला लेने के मूड में दिख रहा है। खरमास शुरू होने से पहले अध्यक्ष की घोषणा कर पार्टी 2027 चुनाव की तैयारी को नई रफ्तार देना चाहती है।

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Author: Deepak Mittal

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