तेलंगाना पंचायत चुनाव 2025 में सामने आए चौंकाने वाले और भावुक कर देने वाले मामले
हैदराबाद/संगारेड्डी: तेलंगाना पंचायत चुनाव 2025 के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। संगारेड्डी जिले के रायकोड मंडल स्थित पिपडपल्ली गांव में सरपंच पद के उम्मीदवार चलकी राजू ने मतगणना से पहले आत्महत्या कर ली, जबकि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद वह 9 वोटों के अंतर से विजयी घोषित हुए।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार चलकी राजू ने मानसिक तनाव में आकर पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बाद में आए नतीजों में उनकी जीत दर्ज हुई। उम्मीदवार की मृत्यु के कारण अब इस पंचायत में पुनः चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
बहू ने सास को हराया
पेद्दापल्ली जिले के पालकूर्ति मंडल स्थित घन श्यामादास नगर में पंचायत चुनाव के दौरान एक रोचक मुकाबला देखने को मिला। यहां रमा नामक महिला उम्मीदवार ने अपनी सास नरसम्मा को 18 वोटों से पराजित कर जीत दर्ज की।
चुनाव जीतने से पहले उम्मीदवार की मौत
रंगारेड्डी जिले के शंकरपल्ली मंडल के मंचर्लागुडेम गांव में वार्ड नंबर-8 से चुनाव लड़ रहीं पल्ले लता की प्रचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। बावजूद इसके, चुनाव परिणाम में उन्हें विजेता घोषित किया गया।
हार के बाद सदमे में उम्मीदवार की मौत
पहले चरण के पंचायत चुनाव में हार के बाद बीआरएस समर्थित उम्मीदवार चेन्नगोनी कातमराज की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। यह घटना मुनुगोडु मंडल के किष्टापुरम गांव की है। बताया जा रहा है कि हार से वह गहरे तनाव में थे।
बागी उम्मीदवार ने दर्ज की जीत
कांग्रेस विधायक यशस्वी रेड्डी के गृहनगर चेरलापालेम में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार महेंद्र ने जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया।
पिता ने बेटे को हराया, तीसरी बार बने सरपंच
मेडिक जिले के रामायणपेट मंडल की झांसीलिंगापुर पंचायत में एक अनोखा मुकाबला देखने को मिला, जहां पिता रामकिष्टैया ने अपने बेटे वेंकटेश को हराकर तीसरी बार सरपंच पद पर जीत दर्ज की।
तेलंगाना पंचायत चुनाव 2025 जहां एक ओर लोकतंत्र का उत्सव साबित हुआ, वहीं दूसरी ओर ये घटनाएं चुनावी दबाव, मानसिक तनाव और पारिवारिक राजनीति की गंभीर तस्वीर भी पेश करती हैं।
Author: Deepak Mittal









