उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से जनपद की सगड़ी तहसील पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. नदी के प्रवाह देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. इस बीच जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी है.
गुरुवार को डीएम, पुलिस अधीक्षक समेत तमाम अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने इस दौरान दावा किया कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है. हालांकि अभी इन क्षेत्रों में खतरे की स्थिति फिलहाल नहीं है.
डीएम ने किया बाढ़ संभावित इलाकों का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान महुला गढ़वल तटबन्ध के बदरहुआ नाला के बाद सबसे पहले बाढ़ से प्रभावित होने वाले चक्की हाजीपुर गांव का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और लोगों से बातचीत की. डीएम ने ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को बाढ़ से अलर्ट रहने का निर्देश दिया है.
आजमगढ़ जिले की सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी में कटान की वजह से हर साल बड़ी संख्या में गांव प्रभावित होते हैं, जहां पर बाढ़ का पानी आ जाता है. जिसकी वजह से हजारों की संख्या में लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है.
बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी के नेतृत्व में पहले भी कलेक्ट्रेट में बैठक हो चुकी हैं जिसमें संबंधित विभागों को बाढ़ क्षेत्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं, साफ सफाई, स्वच्छता पर ध्यान देने के लिए निर्देशित किया गया है.
बाढ़ राहत की तैयारी करने के निर्देश
डीएम ने कहा प्रभावित इलाके में सीसीटीवी कैमरा, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, गांव में दवा का वितरण व पशुओं का टीकाकरण तथा प्रभावित लोगों को सकुशल बाहर निकालने को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
प्रशासन का दावा है कि बाढ़ को लेकर व्यवस्था पूरी कर ली गई है, जहां 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं. 14 राहत शिविर तथा 17 सुरक्षा समितियां लगाई गई है. तहसील स्तर पर 324 नावें हैं जिन्हें अनुबंध के लिए निर्देशित किया गया है. सगड़ी तहसील में घाघरा नदी में बाढ़ का डेंजर लेवल 71.68 मीटर है. ऐसे में अगर ये जलस्तर और बढ़ता है तो गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा.

Author: Deepak Mittal
