
(जे के मिश्र) : सरकंडा के मोपका चौकी क्षेत्र के लगरा गांव में रहने वाले छतलाल केंवट की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छतलाल, जो एक दिहाड़ी मजदूर था, की उसके चचेरे भाइयों द्वारा 19 अगस्त को फरसा से मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी जितेंद्र केंवट फरार चल रहा था, जिसे रविवार को रतनपुर के महामाया मंदिर के पास पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।
पुरानी दुश्मनी का नतीजा
यह विवाद जमीन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। दस साल पहले, छतलाल और उसके पिता ने इसी जमीन के विवाद में अपने रिश्तेदार तिलक केंवट की हत्या कर दी थी, जिसके चलते वे करीब आठ साल तक जेल में रहे। जेल से छूटने के बाद छतलाल अपने गांव लौट आया और मेहनत-मजदूरी करने लगा।
पिता की हत्या का लिया बदला
तिलक केंवट के बेटे हेमंत, धर्मेंद्र और जितेंद्र अपने पिता की हत्या का बदला लेने की ताक में थे। 19 अगस्त को उन्हें मौका मिला और उन्होंने छतलाल की हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेमंत और धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जितेंद्र भागने में सफल रहा था।
महामाया मंदिर के पास हुआ गिरफ्तार
फरार आरोपी जितेंद्र की तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई थी। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि जितेंद्र रतनपुर स्थित महामाया मंदिर के आसपास घूम रहा है। इस पर पुलिस ने वहां घेराबंदी की और आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस घटना ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है, और पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटना
Author: Deepak Mittal










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