छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव स्थगित, इस कारण हुआ यह फैसला..

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छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। संगठन के निर्वाचन अधिकारी प्रकाश कोलछा ने का कहना है कि चैंबर के अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव अधिकारी शिवराज भंसाली को बताया कि, जिस संविधान में बदलाव हुआ उसे लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति की है। यह आपत्ति रजिस्टर फर्म एंड सोसाइटी डिपार्टमेंट में दी गई है।

इसलिए निर्वाचन अधिकारियों ने तय किया है कि चैंबर चुनाव स्थगित कर दिए जाएं। हालांकि चुनाव को लेकर मतदाता सूची अपडेट करना, व्यापारियों से संपर्क करना जैसे काम चल रहे थे। गोलछा ने दैनिक भास्कर से कहा कि, जब संस्था के नियमों को लेकर आपत्ति है और फर्म रजिस्ट्रार कार्यालय ने कोई निर्णय नहीं लिया है, तो फैसला आने तक चुनाव स्थगित किए गए हैं।

दरअसल, चैंबर में हाल ही में चुनाव लड़ने की पात्रता को लेकर नियम को बदले जाने की वजह से सारा बखेड़ा खड़ा हुआ। मौजूदा चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष अमर परवानी और उनकी टीम ने सदस्यों की मौजूदगी में चुनाव लड़ने का एक नियम बदला है। इसका विरोध चैंबर के सीनियर नेता पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने किया। इसी खींचतान की वजह से चुनाव अटक चुका है।

चैंबर के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव का कहना है कि, कुछ लोगों ने रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी में आपत्ति लगाई गई है, वो पूरी तरह निराधार है। आगामी चैंबर चुनाव को लेकर उनकी नियत साफ झलक रही है कि वे मैदान में खुलकर अमर पारवानी और उनकी टीम का सामना नहीं कर सकते, वे संविधान संशोधन का बहना बनाकर अनर्गल बाते कर रहे हैं।


जबकि वे जानते हैं कि चैंबर के संविधान संशोधन की प्रक्रिया विधिवत और पूरी पारदर्शिता से हुआ है। वे ऐसा कहते हैं कि चैंबर इनकी मातृ संस्था है, लेकिन मातृ संस्था होने के बाद भी वे इसे दूषित करने प्रयास कर रहे है। आम सभा में संविधान संशोधन पारित होने के बाद भी अपना स्वार्थ्य साधने के लिए इनके द्वारा भ्रम और झूठ फैलाया जा रहा है।

इतने वरिष्ठ होने के बाद भी इस तरह के कृत्य करना इन्हें शोभा नहीं देता। हमें न्यायालय पर पूर्ण रूप से विश्वास है, अब माननीय न्यायालय द्वारा जो भी अंतिम निर्णय आएगा उसे हम सर्वमान्य करते हुए पुरे दमखम के साथ इनके विरुद्ध चुनाव लड़ेंगे।

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Author: Deepak Mittal

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