हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में गणतंत्र दिवस के दिन सामने आया नवजात बच्ची चोरी का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी साबित हुआ है। जांच में खुलासा हुआ कि बच्ची की चोरी नहीं हुई थी, बल्कि आर्थिक तंगी के कारण उसके माता-पिता ने ही उसे बेच दिया था। पुलिस ने नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, कटकमसांडी थाना क्षेत्र के बहिमर गांव निवासी बेबी देवी ने 24 जनवरी 2026 को छठे बच्चे को जन्म दिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और पहले से मौजूद पांच बच्चों का पालन-पोषण करना भी दंपती के लिए मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से नवजात की जिम्मेदारी उठाने में असमर्थ महसूस कर रहे माता-पिता ने बच्ची को बेचने का फैसला किया।
जांच में सामने आया कि बेबी देवी ने अपनी सहेली देवंती देवी के माध्यम से अपनी रिश्तेदार मीना देवी उर्फ मालती देवी से संपर्क किया और नवजात बच्ची को उसे सौंप दिया। इसके बाद 26 जनवरी को सदर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास बच्ची चोरी की झूठी कहानी रची गई। दावा किया गया कि इलाज के लिए हजारीबाग आई महिला की गोद से एक अज्ञात महिला तीन दिन की बच्ची को लेकर फरार हो गई।
इस सूचना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों में भारी आक्रोश देखा गया और सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पारिवारिक पृष्ठभूमि की गहन जांच शुरू की।
कड़ाई से पूछताछ के दौरान बेबी देवी ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने चौपारण क्षेत्र से मीना देवी उर्फ मालती देवी को गिरफ्तार कर लिया और नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। झूठी सूचना फैलाने, साजिश रचने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सड़क जाम करने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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