केवल 15 दिनों में 50% तक बढ़ी कीमतें, बारिश से सप्लाई प्रभावित
नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत से ही टमाटर की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है। रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाला टमाटर इस समय बाजार में महंगा होता जा रहा है। पिछले 10 से 15 दिनों में टमाटर की कीमतों में लगभग 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मौसम में बदलाव और अक्टूबर में हुई भारी बारिश के चलते टमाटर की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। किसानों की फसल खराब होने और बाजारों तक कम आवक के कारण खुदरा और थोक बाजार दोनों जगह दाम बढ़ गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में देश के विभिन्न राज्यों में टमाटर की रिटेल कीमतें 25% से 100% तक बढ़ गईं। वहीं थोक बाजारों में भी उछाल देखने को मिला है—
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महाराष्ट्र, जो देश का प्रमुख टमाटर सप्लायर है, वहां थोक दामों में 45% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
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दिल्ली, जो उत्तर भारत का सबसे बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन हब है, वहां कीमतें 26% तक बढ़ गईं।
टमाटर के दामों में यह तेजी फिलहाल जारी रह सकती है, क्योंकि सप्लाई सामान्य होने में अभी समय लगने की संभावना है।
Author: Deepak Mittal








