मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम की ब्रांचें होंगी RBL बैंक का हिस्सा, जून में Emirates NBD ने बैंक में हासिल की थी 60 फीसदी हिस्सेदारी
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Emirates NBD Bank की भारत स्थित तीन ब्रांचों का RBL Bank में विलय करने की मंजूरी दे दी है। यह विलय 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा। इसके बाद मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम में स्थित Emirates NBD की ब्रांचें RBL Bank की ब्रांचों के रूप में काम करेंगी। इस फैसले से दोनों बैंकों के भारतीय कारोबार को एकीकृत करने का रास्ता साफ हो गया है।
RBI ने यह मंजूरी बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 44A(4) के तहत दी है। यह कदम Emirates NBD के RBL Bank में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के बाद दोनों बैंकों के भारतीय कारोबार को एक साथ लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जून में पूरा हुआ था 26 हजार करोड़ रुपये का निवेश
Emirates NBD ने 18 जून 2026 को RBL Bank में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने की प्रक्रिया पूरी की थी। इस सौदे के तहत बैंक ने करीब 2.75 अरब डॉलर यानी लगभग 26,000 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे RBL Bank की बढ़ी हुई शेयर पूंजी में उसकी हिस्सेदारी 60 फीसदी हो गई। इस सौदे की घोषणा 18 अक्टूबर 2025 को की गई थी।
हालांकि, RBL Bank में हिस्सेदारी खरीदने और Emirates NBD की भारतीय ब्रांचों के विलय की प्रक्रिया अलग-अलग है। हिस्सेदारी अधिग्रहण का काम जून में पूरा हुआ था, जबकि ब्रांचों का विलय 1 दिसंबर से प्रभावी होगा।
तीन शहरों में हैं Emirates NBD की ब्रांचें
Emirates NBD फिलहाल भारत में मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम स्थित तीन ब्रांचों के माध्यम से कारोबार करता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 20 जनवरी 2026 को प्रस्तावित सौदे से संबंधित जानकारी दी थी। अब RBI की मंजूरी के बाद इन तीनों ब्रांचों का कारोबार RBL Bank के अंतर्गत आ जाएगा।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
ब्रांचों के विलय के बाद इनका संचालन RBL Bank के तहत होगा। हालांकि, ग्राहकों के बैंक खातों, जमा राशि, कर्ज, भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर क्या बदलाव होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित बैंकों की आधिकारिक सूचना से स्पष्ट होगी। ग्राहकों को सलाह है कि वे विलय की प्रभावी तारीख से पहले बैंक की ओर से जारी निर्देशों पर नजर रखें।
भारतीय बाजार में विस्तार की तैयारी
दोनों बैंकों के लिए यह सौदा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। Emirates NBD को भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिलेगा, जबकि RBL Bank को अतिरिक्त पूंजी और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग अनुभव का लाभ मिल सकता है। दोनों बैंकों के भारतीय कारोबार के एकीकरण से भविष्य में कारोबार के विस्तार और बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
RBI की ताजा मंजूरी के साथ इस सौदे का एक और महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। अब 1 दिसंबर 2026 से तीनों भारतीय ब्रांचें RBL Bank के अंतर्गत काम करेंगी।
Author: Deepak Mittal









