दुर्ग: छत्तीसगढ़ के Durg जिले में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने अपनी ही मां के साथ मारपीट और दुष्कर्म करने वाले आरोपी बेटे को 25 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अवध किशोर की अदालत में सुनाया गया, जहां गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य मां-बेटे जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला है और यह पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला अपराध है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे अपराध न केवल पीड़िता को बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं।
23 अगस्त 2025 की है घटना
मामले के अनुसार घटना 23 अगस्त 2025 की रात की है। उस समय पीड़िता घर में अकेली थीं, जबकि उनके पति और बच्चे नाइट ड्यूटी पर गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी बेटा घर पहुंचा और मां से शादी कराने और पैसे देने की बात को लेकर विवाद करने लगा। आरोपी ने शराब खरीदने के लिए 500 रुपए मांगे, लेकिन पैसे देने से इनकार करने पर उसने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
बताया गया कि आरोपी ने कमरे का दरवाजा तोड़कर मां को बिस्तर पर पटक दिया और बेरहमी से पीटा, जिससे उनके हाथ, सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उसने जबरदस्ती उनके कपड़े उतारकर दुष्कर्म किया।
पहले भी हत्या के मामले में जा चुका है जेल
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले हत्या के मामले में 9 साल की सजा काट चुका था और पैरोल पर बाहर आया था। जेल से लौटने के बाद उसका व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया था।
सामाजिक बदनामी के डर से पहले छिपाई बात
घटना के बाद पीड़िता ने शुरुआत में पुलिस को केवल मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत दी थी। बाद में उन्होंने अपने पति और बेटी के साथ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत में दुष्कर्म की पूरी जानकारी दी। पीड़िता ने अदालत में बताया कि सामाजिक बदनामी और मानसिक सदमे के कारण उन्होंने शुरुआत में यह बात छिपा ली थी।
मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों से पुष्टि
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें सिर और चेहरे पर चोटों की पुष्टि हुई। हालांकि दुष्कर्म के प्रत्यक्ष साक्ष्य मेडिकल रिपोर्ट में नहीं मिले, क्योंकि जांच घटना के करीब 41 घंटे बाद हुई थी और पीड़िता बुजुर्ग महिला हैं। इसके बावजूद शरीर पर चोटों के निशान उनके बयान की पुष्टि करते हैं।
सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने भी अदालत में बयान दिया। बेटी ने बताया कि आरोपी उसका बड़ा भाई है और पहले हत्या के मामले में जेल जा चुका है, जबकि पति ने घर लौटने पर पत्नी के चेहरे पर चोटें देखने की बात कही।
आरोपी ने कोर्ट में स्वीकार किया अपराध
सुनवाई के दौरान आरोपी ने अदालत में स्वीकार किया कि उसने मां के कमरे में घुसकर मारपीट की और उनके कपड़े उतारकर दुष्कर्म किया। हालांकि उसने अपने अपराध का ठीकरा परिवार पर डालने की कोशिश भी की।
अदालत की सख्त टिप्पणी
अदालत ने कहा कि मां-बेटे का रिश्ता समाज का सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है। आरोपी ने अपने अपराध पर कोई पछतावा नहीं दिखाया, इसलिए उसके साथ नरमी बरतने का कोई कारण नहीं है।
25 साल की सजा और जुर्माना
अदालत ने आरोपी को Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 64(2)(f) के तहत दुष्कर्म का दोषी पाते हुए 25 साल के कठोर कारावास और 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इसके अलावा मारपीट के मामले में धारा 115(2) के तहत 6 महीने की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई। हालांकि घटना घर के भीतर होने के कारण सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता और जान से मारने की धमकी से जुड़े आरोपों से आरोपी को बरी कर दिया गया।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों के प्रति न्यायालय सख्त रुख अपनाएगा और अपराधियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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