नई दिल्ली: हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में भारत में टाइफाइड बुखार के लगभग 49 लाख मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 7850 लोगों की मौत हुई। यह डेटा द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया।
कौन से राज्य सबसे अधिक प्रभावित?
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक टाइफाइड बुखार के सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं।
-
लगभग 30% मामलों का दर्ज होना इन्हीं तीन राज्यों से हुआ।
-
इन राज्यों में मौत के मामलों की संख्या भी अधिक रही।
फ्लोरोक्विनोलोन रेसिस्टेंस का गंभीर खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, टाइफाइड से 7.3 लाख लोग अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 6 लाख मरीज फ्लोरोक्विनोलोन एंटीबायोटिक के प्रति रेसिस्टेंट पाए गए।
-
यह एंटीबायोटिक आमतौर पर टाइफाइड और अन्य बैक्टीरियल इन्फेक्शन के इलाज में इस्तेमाल होता है।
-
रेसिस्टेंस बढ़ने से इलाज जटिल और समय लेने वाला हो गया है।
टाइफाइड के लक्षण और संक्रमण का कारण
टाइफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो खराब पानी और संक्रमित भोजन से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
-
तेज़ बुखार
-
सिरदर्द
-
पेट दर्द
-
अत्यधिक थकान
लक्षण एक से तीन हफ्ते में प्रकट हो सकते हैं। इलाज एंटीबायोटिक्स और सपोर्टिव केयर के जरिए किया जाता है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष
-
दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक में रेसिस्टेंट मामलों और मौतों का प्रतिशत सबसे अधिक।
-
टाइफाइड बुखार पर लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (वेल्लोर) के रिसर्चर्स ने यह रिपोर्ट तैयार की।
-
एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस बढ़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8141817
Total views : 8154225