
कोरबा : कोरबा से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां तेज मूसलाधार बारिश के बाद एसईसीएल की कुसमुंडा खदान के एक हिस्से में पानी का सैलाब आ गया। बताया जा रहा है कि पानी के सैलाब में बहने वाले लोगों में एसईसीएल के दो कर्मचारियोें के साथ ही ठेका कंपनी के तीन लोग एक गुमटी में बारिश से बचने के लिए छिपे हुए थे।
इसी दौरान खदान के एक सिरे से पानी का सैलाब खदान के भीतर प्रवेश किया और पूरी गुमटी के साथ ही सभी लोगों को बहा कर ले जाने लगा। तेज पानी के बहाव में खदान में मौजूद एसईसीएल के अधिकारी सहित सभी 5 लोग बहने लगे।
किसी तरह 4 लोगों ने अपनी जान बचा ली, लेकिन एक अधिकारी पानी की तेज बहाव में बह गया। घटना की जानकारी के बाद रेस्कयू आपरेशन चलाकर लापता अधिकारी की तलाश की जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह से छत्तीसगढ़ सहित कोरबा में हो रही बारिश अब कहर बनकर बरस रही है। लगातार हो रही बारिश से जहां एसईसीएल की कोयला खदान में उत्पादन प्रभावित है।

वहीं शनिवार की दोपहर हुए मूसलाधार बारिश से एक बार फिर कुसमुंडा खदान में बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना कुसमुंडा खदान की गोदावरी फेस की है। आज दोपहर 2 बजे के बाद 3 घंटे तक लगातार बारिश हुई।
जिससे खदान में जल भराव की स्थिति को देखने के लिए एसईसीएल के अंडर मैनेजर जितेंद्र नागर अन्य सहकर्मियों के साथ खदान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दोपहर के वक्त शुरू हुए मुसलाधार बारिश के बाद कुसमुंडा सीजीएम ने खदान में गये अधिकारियों को तत्काल खदान से बाहर आने की बात कही थी।
सीजीएम ने खदान से तत्काल मशीनों को हटाने की हिदायद देते हुए खदान के उपरी हिस्से के खेतों की तरफ से खदाने में पानी घुसने की आशंका भी जतायी थी। लेकिन मूसलाधार बारिश में फंसे अधिकारी और कर्मचारी खदान के भीतर ही बने गुमटी में बारिश से बचने के लिए छिपे हुए थे।
तभी पानी का सैलाब खदान में प्रवेश कर गया और सभी बह गये। पानी का तेज बहाव में खदान की मिट्टी धसकने के साथ ही पानी आने लगा। इसकी चपेट में आते ही पानी के तेज बहाव में एसईसीएल के अंडर मैनेजर सहित सभी पांच लोग गुमटी के साथ ही बहने लगे।
4 लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाकर खदान के एक सिरे पर पहुंच गये। लेकिन एसईसीएल के अंडर मैनेजर जितेंद्र नागरकर इस तेज बहाव में नही बच पाये। उधर खदान में पानी के सैलाब से बचकर आए कर्मचारियों ने बाकी अधिकारियों को इसकी सूचना दी।सूचना मिलने पर कुसमुंडा पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची हुई है।
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद बिलासपुर से एसडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया है। वहीं एसईसीएल की रेस्क्यू टीम लापता अधिकारी की तलाश में जुट गई है। घटना के करीब 5 घंटे बाद भी लापता अंडर मैनेजर का कोई पता नही चल सका है। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू आपरेशन में टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Author: Deepak Mittal










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